Allah tidak butuh orang beribadah dengan menyiksa diri
Imam Ahmad : 12983
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ حَدَّثَنَا حُمَيْدٌ حَدَّثَنَا ثَابِتٌ قَالَ قَالَ أَنَسٌ مُرَّ بِشَيْخٍ كَبِيرٍ يُهَادَى بَيْنَ ابْنَيْهِ قَالَ فَقَالَ مَا بَالُ هَذَا قَالُوا نَذَرَ يَا رَسُولَ اللَّهِ أَنْ يَمْشِيَ قَالَ إِنَّ اللَّهَ عَزَّ وَجَلَّ عَنْ تَعْذِيبِ هَذَا نَفْسَهُ لَغَنِيٌّ فَأَمَرَهُ أَنْ يَرْكَبَ فَرَكِبَ
हमसे कहिस है [मुहम्मद बिन अब्दुल्ला] हमसे कहिस है [हुमैद] हमसे कहिस है [थाबित] कहिन; [अनास] कहिन; एक बार एक बुजुर्ग अपने दुइनौ बच्चन का लइके जात रहें। -अनस बिन मलिक रदलियाल्लाहुअनहु- कहिन; तब -रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम- ने पूछा, यह क्या है ? उइ जवाब दिहिन; हे अल्लाह के रसूल, उ चलै के प्रण लिहिन! -रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम- ने कहा: 'वास्तव मा अल्लाह अज़ ज़ा वजल्ला का खुद का यातना देय के लिए नौकर के जरूरत नाहीं है', फिर उ ओका अपने वाहन मा चढ़ै का आदेश दिहिन अऊर फिर उ चढ़ि गें।