Imam Bukhari : 6324
حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ مُحَمَّدٍ الْجُعْفِيُّ حَدَّثَنَا وَهْبُ بْنُ جَرِيرٍ حَدَّثَنَا أَبِي قَالَ سَمِعْتُ يَعْلَى بْنَ حَكِيمٍ عَنْ عِكْرِمَةَ عَنْ ابْنِ عَبَّاسٍ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُمَا قَالَلَمَّا أَتَى مَاعِزُ بْنُ مَالِكٍ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ لَهُ لَعَلَّكَ قَبَّلْتَ أَوْ غَمَزْتَ أَوْ نَظَرْتَ قَالَ لَا يَا رَسُولَ اللَّهِ قَالَ أَنِكْتَهَا لَا يَكْنِي قَالَ فَعِنْدَ ذَلِكَ أَمَرَ بِرَجْمِهِ
हमसे कहिस है [अब्दुल्ला बिन मुहम्मद अल जुफी] हमसे कहिस है [वहब बिन जरीर] हमसे कहिस है [मेरे पिता] उ कहिन; हम [इकरीमा] से [इब्न अब्बास] रादलियाल्लाहु अन्हुमा से [य'ला बिन हकीम] का कहत सुने रहेन; 'जब माइज़ बिन मलिक पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से मिले, तो पैगम्बर ने पूछा: 'यह हो सकत है कि आपने सिर्फ चुम्मा लिया, निचोया या देखा!' माइज़ ने जवाब दिया; 'नहीं, हे अल्लाह के रसूल! ' -उ फिर से पूछिन; 'का तुम सचमुच ओका चोदा रहेव?' -उ अलंकारिक भाषा का प्रयोग नाहीं किहिन।- तौ वहि समय उनका पत्थरबाजी कीन गा रहा।