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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Imam Ahmad : 12684

حَدَّثَنَا رَوْحٌ وَعَفَّانُ الْمَعْنَى قَالَا حَدَّثَنَا حَمَّادٌ عَنْ ثَابِتٍ عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ أَنَّ فَتًى مِنْ الْأَنْصَارِ قَالَ يَا رَسُولَ اللَّهِ إِنِّي أُرِيدُ الْجِهَادَ وَلَيْسَ لِي مَالٌ أَتَجَهَّزُ بِهِ فَقَالَ اذْهَبْ إِلَى فُلَانٍ الْأَنْصَارِيِّ فَإِنَّهُ قَدْ كَانَ تَجَهَّزَ وَمَرِضَ فَقُلْ إِنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يُقْرِئُكَ السَّلَامَ وَيَقُولُ لَكَ ادْفَعْ إِلَيَّ مَا تَجَهَّزْتَ بِهِ فَقَالَ لَهُ ذَلِكَ فَقَالَ يَا فُلَانَةُ ادْفَعِي إِلَيْهِ مَا جَهَّزْتِنِي بِهِ وَلَا تَحْبِسِي عَنْهُ شَيْئًا فَإِنَّكِ وَاللَّهِ إِنْ حَبَسْتِ عَنْهُ شَيْئًا لَا يُبَارِكُ اللَّهُ لَكِ فِيهِ قَالَ عَفَّانُ إِنَّ فَتًى مِنْ أَسْلَمَ

हमका [अफ्फान] से [रौह] का कहै के अर्थ मा बतावै के बाद, हमका [हम्मद] का [तसाबित] से [अनस बिन मलिक] से बतावै के बाद, एक अंसार युवक ने कहा, हे अल्लाह के रसूल, मैं लड़ै चाहत हौं, लेकिन मोर पास रसोई के रूप मा कौनो धन नाहीं है! फिर उ (सल्लल्लाह व अलैहि वसल्लम) कहिन, 'अंसार से फलाना से मिलब, काहे से कि उ युद्ध के लिए आपूर्ति तैयार किहिन रहैं अऊर फिर बीमार होइ गें रहैं, अऊर ओनका बतावा कि अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाह व अलैहि वसल्लम) आपका नमस्कार भेजिन अऊर आपसे कहिन कि आप जवन प्रावधान तैयार किहिन हैं, उ हमका दइ द्या'। तो अंसार युवक ने अपनी पत्नी से कहा: "हे मेरी पत्नी फुलानाह, जो प्रावधान आपने तैयार किया है, वह सौंप दो, बिलकुल भी पीछे न हटना, क्योकि अगर आप पीछे हटते हैं तो अल्लाह आपको इससे वरदान नहीं देगा।" अफ्फान ने संपादकीय रूप से कहा -- ई जवान असलम जनजाति से रहा, अंसार से नाहीं --।