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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Imam Ahmad : 12511

حَدَّثَنَا بَهْزُ بْنُ أَسَدٍ حَدَّثَنَا حَمَّادُ بْنُ سَلَمَةَ حَدَّثَنَا ثَابِتٌ عَنْ أَنَسٍ أَنَّ أُسَيْدَ بْنَ حُضَيْرٍ وَعَبَّادَ بْنَ بِشْرٍ كَانَا عِنْدَ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فِي لَيْلَةٍ ظَلْمَاءَ حِنْدِسٍ قَالَ فَلَمَّا خَرَجَا مِنْ عِنْدِهِ أَضَاءَتْ عَصَا أَحَدِهِمَا فَكَانَا يَمْشِيَانِ بِضَوْئِهَا فَلَمَّا تَفَرَّقَا أَضَاءَتْ عَصَا هَذَا وَعَصَا هَذَا

हमसे कहिन [बहज बिन असद] हमसे कहिन हैं [हम्मद बिन सलामा] हमसे कहिन हैं [त्साबित] [अनास] से, उसैद बिन खुदलैर अऊर अब्बाद बिन बिसिर एक बार रसूलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से एक काली रात मिले रहे। -अनस बिन मलिक राधियाल्लाहु'अन्हु- कहिन, जब दुइनौ घरे आए, तौ ओनके एक लाठी से ओनके रास्ता का रोशन करै के लिए रोशनी निकली। जब दुइनौ अलग होइ जात हैं, तौ हर छड़ी प्रकाश उत्सर्जित कइ सकत है।