Imam Ahmad : 12509
حَدَّثَنَا بَهْزُ بْنُ أَسَدٍ أَبُو الْأَسْوَدِ الْعَمِّيُّ حَدَّثَنَا حَمَّادُ بْنُ سَلَمَةَ أَخْبَرَنَا إِسْحَاقُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ أَبِي طَلْحَةَ عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ أَنَّ هَوَازِنَ جَاءَتْ يَوْمَ حُنَيْنٍ بِالصِّبْيَانِ وَالنِّسَاءِ وَالْإِبِلِ وَالنَّعَمِ فَجَعَلُوهُمْ صُفُوفًا يُكَثِّرُونَ عَلَى رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَلَمَّا الْتَقَوْا وَلَّى الْمُسْلِمُونَ مُدْبِرِينَ كَمَا قَالَ اللَّهُ عَزَّ وَجَلَّ فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَا عِبَادَ اللَّهِ أَنَا عَبْدُ اللَّهِ وَرَسُولُهُ يَا مَعْشَرَ الْأَنْصَارِ أَنَا عَبْدُ اللَّهِ وَرَسُولُهُ فَهَزَمَ اللَّهُ الْمُشْرِكِينَ قَالَ عَفَّانُ وَلَمْ يَضْرِبُوا بِسَيْفٍ وَلَمْ يَطْعَنُوا بِرُمْحٍ وَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَوْمَئِذٍ مَنْ قَتَلَ كَافِرًا فَلَهُ سَلَبُهُ فَقَتَلَ أَبُو طَلْحَةَ يَوْمَئِذٍ عِشْرِينَ رَجُلًا وَأَخَذَ أَسْلَابَهُمْ قَالَ وَقَالَ أَبُو قَتَادَةَ يَا رَسُولَ اللَّهِ ضَرَبْتُ رَجُلًا عَلَى حَبْلِ الْعَاتِقِ وَعَلَيْهِ دِرْعٌ فَأُجْهِضْتُ عَنْهُ فَانْظُرْ مَنْ أَخَذَهَا فَقَامَ رَجُلٌ فَقَالَ أَنَا أَخَذْتُهَا فَأَرْضِهِ مِنْهَا وَأَعْطِنِيهَا قَالَ وَكَانَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ لَا يُسْأَلُ شَيْئًا إِلَّا أَعْطَاهُ أَوْ سَكَتَ فَسَكَتَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَالَ عُمَرُ لَا وَاللَّهِ لَا يُفِيئُهَا اللَّهُ عَلَى أَسَدٍ مِنْ أُسْدِهِ وَيُعْطِيكَهَا فَضَحِكَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَقَالَ صَدَقَ عُمَرُ قَالَ وَكَانَتْ أُمُّ سُلَيْمٍ مَعَهَا خِنْجَرٌ فَقَالَ أَبُو طَلْحَةَ مَا هَذَا مَعَكِ قَالَتْ اتَّخَذْتُهُ إِنْ دَنَا مِنِّي بَعْضُ الْمُشْرِكِينَ أَنْ أَبْعَجَ بِهِ بَطْنَهُ فَقَالَ أَبُو طَلْحَةَ يَا رَسُولَ اللَّهِ أَلَا تَسْمَعُ مَا تَقُولُ أُمُّ سُلَيْمٍ قَالَتْ يَا رَسُولَ اللَّهِ اقْتُلْ مَنْ بَعْدَنَا مِنْ الطُّلَقَاءِ انْهَزَمُوا بِكَ قَالَ إِنَّ اللَّهَ قَدْ كَفَانَا وَأَحْسَنَ يَا أُمَّ سُلَيْمٍ حَدَّثَنَا عَفَّانُ حَدَّثَنَا سُلَيْمُ بْنُ أَخْضَرَ قَالَ حَدَّثَنَا ابْنُ عَوْنٍ قَالَ حَدَّثَنِي هِشَامُ بْنُ زَيْدِ بْنِ أَنَسٍ عَنْ أَنَسٍ لَمَّا كَانَ يَوْمُ حُنَيْنٍ وَجَمَعَتْ هَوَزِانُ وَغَطَفَانُ لِرَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ جَمْعًا كَثِيرًا وَرَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فِي عَشْرَةِ آلَافٍ أَوْ أَكْثَرَ وَمَعَهُ الطُّلَقَاءُ فَجَاءُوا بِالنَّعَمِ وَالذُّرِّيَّةِ فَذَكَرَ الْحَدِيثَ
हमसे कहिन है [बहज बिन असद अबू अल-असवाद अल-'अमी] हमसे कहिन हैं [हम्मद बिन सलामा] हमसे [इशाक बिन अब्दुल्लाह बिन अबू थोल्हा] [अनस बिन मलिक] से कहिन हैं, बानी हवाजिन हुनैन के लड़ाई मा अपने बच्चन, पत्नियन, ऊँट अऊर पशुधन का लइके आए रहे। रसूलुल्लाह शल्लल्लाह अलैहि वसल्लम पर हमला करै मा सैनिकन के संख्या बढ़ावै के लिए ओनका शामिल किहिन। जब उइ ओनसे मिले, तौ मुसलमान अल्लाह अज्जा वजल्ला के अनुसार भाग गें। तब रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने चिल्लाया, 'हे अल्लाह का सेवक, मैं अल्लाह का सेवक अऊर ओकर रसूल हौं! हे अंसार मैं अल्लाह और उनके रसूल का सेवक हूँ'। तो अल्लाह ने मुशर्कियन का हरा दिहिस। अफ्फान ने कहा, अर्थात् बिना तलवार औ बिना तीर के ॥ तब रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहिन: 'जे उ दिन काफिर का मारत है, ओकरे लिए उ उपकरण है जेका उ उपयोग करत है', अबू तल्हा उ दिन बीस आदमी का मार सकत है अऊर लूट पा सकत है। -अनस बिन मलिक राधियाल्लाहुअनहु- कहिन, अबू कतदाह कहिन, हे अल्लाह के रसूल, हम रस्सी से एक का मार दिहेन अऊर उ कवच पहिनले रहे, फिर हम ओका हटायेन, तौ जांच करौ कि ओका कौन लइ गवा। तब कोई खड़ा होकर बोला कि कवच लिया है रसूल अल्लाह तो दे दो -अनस बिन मलिक राधियाल्लाहुअनहु- कहिन, रसूलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम, अगर उनसे कुछ माँगा जात रहा, तौ उ देत रहा या कम से कम उ चुप रहा। तो रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम चुप हो गए, तब उमर ने कहा, अल्लाह के खातिर मत करो! अल्लाह अपने शेरन का युद्ध के लूट का लूट नाहीं देई अऊर तोहका नाहीं देई, एहसे रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम हँस के कहिन, ''उमर सही कहिन'। -अनस बिन मलिक राधियाल्लाहुअन्हु- कहिन, जब उम्म सुलेम एक खंजर लेके जात रहें जब तक कि अबू तल्हाह ने पूछा: तुम का लेके जात हौ? उन्होंने जवाब दिया, मैं यह खंजर लाया था, इस इरादे से कि अगर मुझसे मुशर्की मिलेगा तो मैं उसके पेट में छुरा घोंप दूँगा, फिर अबू तल्हा ने कहा, हे अल्लाह के रसूल, क्या आपने सुना है कि उम्म सुलेम ने क्या कहा है? उम्म सुलेम कहिन, हे अल्लाह के रसूल, यहिके बाद, आजाद कैदियन से युद्ध से बचे वाले का मार डावा। रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा, 'सचमुच अल्लाह काफी रहा है और हमारे साथ भला किया है, हे उम्म सुलेम?' हमसे कहिस है [अफ्फान] हमसे कहिस है [सुलेम बिन अखदलर], कहिस, हमसे कहिस है [इब्न 'औन] कहिस, हमसे कहिस है [हिस्याम बिन जैद बिन अनस] से [अनस] जब हुनैन युद्ध मा हवाजिन अऊर घाटफान लोग इकट्ठा भए रसूलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसुलल्लाह अलैहि सल्लल्लाह सल्लाहुलाह के साथ हमला किहिन वसल्लम दस हजार या ओसे अधिक। उ युद्ध मा, रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम कैदी शामिल किहिन जे आजाद होइ चुका रहे, फिर दुश्मन अपने पशुधन अऊर परिवार के साथे आवा, फिर हदीस का जिक्र किहिन।