Imam Ahmad : 12496
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ حَدَّثَنَا حُمَيْدٌ عَنْ أَنَسٍ قَالَ كُنَّا نُصَلِّي الْمَغْرِبَ ثُمَّ يَنْطَلِقُ الْمُنْطَلِقُ مِنَّا إِلَى بَنِي سَلِمَةَ وَهُوَ يَرَى مَوَاقِعَ نَبْلِهِ
हमसे कहा गा है [मुहम्मद बिन अब्दुल्लोह] हमसे [हुमैद] [अनस] से कहिन है, 'हम मगरिब नमाज पढ़ेन फिर हममें से एक बनी सलामा गवा अऊर उ अबहियों अपने तीर के निशाना देख सकत रहा'।