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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Imam Ahmad : 12126

حَدَّثَنَا حُسَيْنُ بْنُ مُحَمَّدٍ حَدَّثَنَا شَرِيكٌ عَنْ جَابِرٍ عَنْ خَيْثَمَةَ عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ قَالَ دَخَلْتُ مَعَ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ نَعُودُ زَيْدَ بْنَ أَرْقَمَ وَهُوَ يَشْتَكِي عَيْنَيْهِ فَقَالَ لَهُ يَا زَيْدُ لَوْ كَانَ بَصَرُكَ لِمَا بِهِ كَيْفَ كُنْتَ تَصْنَعُ قَالَ إِذًا أَصْبِرَ وَأَحْتَسِبَ قَالَ إِنْ كَانَ بَصَرُكَ لِمَا بِهِ ثُمَّ صَبَرْتَ وَاحْتَسَبْتَ لَتَلْقَيَنَّ اللَّهَ عَزَّ وَجَلَّ وَلَيْسَ لَكَ ذَنْبٌ

हमसे कहिन है [हुसैन बिन मुहम्मद] हमसे कहिन है [स्यारिक] से [जाबिर] से [खैत्सामह] से [अनस बिन मलिक] कहिन: मैं अऊर पैगम्बर सल्लल्लाहुअलेहि वसल्लम जैद बिन अरकॉम से मिले गयेन जेकर दुइनौ आँखिन मा दर्द रहा, तौ रसूलुल्लाह सल्लाहुअलेह सल्लम जैद से कहिन: ई तुम का करब?, उ कहिन: मैं धैर्यवान हई अऊर अल्लाह से इनाम के उम्मीद करत हई, रसूलल्लाह शल्लल्लाहुअलेहि वसल्लम कहिन: 'अगर तोहार आँखिन मा अबहियों अइसन दर्द होत है तौ तुम धैर्य रखौ अऊर अल्लाह से इनाम के उम्मीद करत हौ, तुम निश्चित रूप से अल्लाह से एक पापहीन अवस्था मा मिलब'..