Doa setelah adzan: ALLAHUMMA RABBA HAADZIHID DA’WATIT TAMMAH WASHSHALAATIL QAA’IMAH ATI MUHAMMADANIL WASILATA WAL FADHIILAH ...
Imam Bukhari : 579
حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ عَيَّاشٍ قَالَ حَدَّثَنَا شُعَيْبُ بْنُ أَبِي حَمْزَةَ عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ الْمُنْكَدِرِ عَنْ جَابِرِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِأَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ مَنْ قَالَ حِينَ يَسْمَعُ النِّدَاءَ اللَّهُمَّ رَبَّ هَذِهِ الدَّعْوَةِ التَّامَّةِ وَالصَّلَاةِ الْقَائِمَةِ آتِ مُحَمَّدًا الْوَسِيلَةَ وَالْفَضِيلَةَ وَابْعَثْهُ مَقَامًا مَحْمُودًا الَّذِي وَعَدْتَهُ حَلَّتْ لَهُ شَفَاعَتِي يَوْمَ الْقِيَامَةِ
हमसे [अली बिन अय्यासी] ने कहा, हमसे [स्युएब बिन अबू हमजाह] से [मुहम्मद अल मुनकादिर] से [जाबिर बिन अब्दुल्लाह] से कहा गया है, कि रसूलल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: 'जो भी अज़ान सुनने के बाद नमाज पढ़ता है: दा'वातित तम्माह वशशलातिल क़ा'इमाह। आती मुहम्मदनील वसीलाता वलफदलिइलाह वाबत्शु मकामम महमूदनील लाडज़ी वाअदतह -हे अल्लाह। रब्ब, ई पूर्ण आह्वान के मालिक, अऊर ई प्रार्थना के मालिक जवन स्थापित कीन जाई, मुहम्मद का वसीलाह - मध्यस्थता- अऊर प्रधानता देत हैं। जइसे कि आपने वादा किहिन है, ओका एक प्रशंसनीय पद पर उठावा-'। तौ ओका क़यामत के दिन मोर मध्यस्थता प्राप्त करै का अधिकार है'।