Imam Ahmad : 11634
حَدَّثَنَا سُفْيَانُ عَنْ الزُّهْرِيِّ سَمِعَهُ مِنْ أَنَسٍ قَالَ قَدِمَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ الْمَدِينَةَ وَأَنَا ابْنُ عَشْرٍ وَمَاتَ وَأَنَا ابْنُ عِشْرِينَ وَكُنَّ أُمَّهَاتِي تَحُثُّنِي عَلَى خِدْمَتِهِ فَدَخَلَ عَلَيْنَا فَحَلَبْنَا لَهُ مِنْ شَاةٍ دَاجِنٍ وَشِيبَ لَهُ مِنْ بِئْرٍ فِي الدَّارِ وَأَعْرَابِيٌّ عَنْ يَمِينِهِ وَأَبُو بَكْرٍ عَنْ يَسَارِهِ وَعُمَرُ نَاحِيَةً فَشَرِبَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَالَ عُمَرُ أَعْطِ أَبَا بَكْرٍ فَنَاوَلَ الْأَعْرَابِيَّ وَقَالَ الْأَيْمَنُ فَالْأَيْمَنُ و قَالَ سُفْيَانُ مَرَّةً الزُّهْرِيُّ أَخْبَرَنَا أَنَسٌ
हमसे [सुफयान] [अज जुहरी] से कहिन है, उ [अनास] से सुनिन हैं, उ कहिन; 'पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम मदीना आए, मोर उमर महज दस साल रही, जबकि जब उ मरे तौ मोर उमर बीस साल रही, पैगम्बर के पत्नियन मोर महतारी रहीं, उ लोग मोका उनकर सेवा करै खातिर प्रेरित करत रहें। जब उ हमरे घर मा घुसे, तौ हम ओका घर के कुँआ के पानी मा मिला के वश मा बकरी के दूध परोसेन, जबकि एक बेडौइन अरब ओकरे दाहिने अऊर अबू बकर अऊर उमर ओकरे बाईं ओर रहे। तब रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने पीया, उमर ने कहा; 'अबू बकर का दे!' तौ ऊ गिलास लइके कहिस; 'दाईं ओर से शुरू करा'। एक अउर मौका पै सुफयान कहिन; 'अज जुहरी कहिन; अनस हमका बताय दिहिन हैं।