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इस्लाम अल-हक: कुरआन आ हदीस
(सच्चा इस्लाम)



Larangan menjual dua sha' atau dirham dengan satu sha' atau dirham

Imam Ahmad : 11049

حَدَّثَنَا عَبْدُ الْمَلِكِ حَدَّثَنَا هِشَامٌ وَيَزِيدُ بْنُ هَارُونَ أَخْبَرَنَا هِشَامٌ عَنْ يَحْيَى عَنْ أَبِي سَلَمَةَ عَنْ أَبِي سَعِيدٍ الْخُدْرِيِّ قَالَ كُنَّا نُرْزَقُ تَمْرَ الْجَمْعِ وَقَالَ يَزِيدُ تَمْرٌ مِنْ تَمْرِ الْجَمْعِ عَلَى عَهْدِ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَنَبِيعُ الصَّاعَيْنِ بِالصَّاعِ فَبَلَغَ ذَلِكَ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَالَ لَا صَاعَيْ تَمْرٍ بِصَاعٍ وَلَا صَاعَيْ حِنْطَةٍ بِصَاعٍ وَلَا دِرْهَمَيْنِ بِدِرْهَمٍ

हमनी के बतवले बाड़े [अब्दुल मलिक] कहले बाड़े; हमनी के [हिशाम] के बतवले बाड़े अवुरी [यजीद बिन हारून] कहले बाड़े; हमनी के [हिशाम] के [याह्या] से [अबू सलामाह] से [अबू सईद अल खुदरी] से रिपोर्ट कईले बाड़े उ कहले कि; 'हमनी के खराब तारीख मिल जाला, -यजीद कहले; 'खजूर खराब रहे, नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के समय में, - जब तक कि हम खजूर के एक शो` में दू शो` खजूर ना बेच देनी। त इ बात नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के लगे आईल, फिर उ कहले कि, 'तू एक शो` में खजूर के दु शू` के अदला-बदली नईखी क सकत, एक शो` में दु शू` आटा के आ एक दिरहम में दु दिरहम के अदला-बदली नईखी क सकत।

हदीस :

Imam Ahmad : 10986, 11031, 11049, 11167, 11213
Imam Bukhari : 1938
Imam Muslim : 2983, 2984, 2985, 2986, 2987, 2988, 2989
Imam Nasa'i : 4477, 4478, 4479, 4480, 4481
Imam Ibnu Majah : 2247
Imam Malik : 1138