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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Imam Ahmad : 10937

حَدَّثَنَا عُثْمَانُ بْنُ عُمَرَ حَدَّثَنَا الْمُسْتَمِرُّ بْنُ الرَّيَّانِ حَدَّثَنَا أَبُو نَضْرَةَ عَنْ أَبِي سَعِيدٍ أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ كَانَ فِي بَنِي إِسْرَائِيلَ امْرَأَةٌ قَصِيرَةٌ فَصَنَعَتْ رِجْلَيْنِ مِنْ خَشَبٍ فَكَانَتْ تَسِيرُ بَيْنَ امْرَأَتَيْنِ قَصِيرَتَيْنِ وَاتَّخَذَتْ خَاتَمًا مِنْ ذَهَبٍ وَحَشَتْ تَحْتَ فَصِّهِ أَطْيَبَ الطِّيبِ الْمِسْكَ فَكَانَتْ إِذَا مَرَّتْ بِالْمَجْلِسِ حَرَّكَتْهُ فَنَفَخَ رِيحَهُ

हमका बतावा गा है [उथमान बिन उमर] कहिन; हमसे कहिन है [अल मुस्तमीर बिन अर रेयान] कहिन; हमका [अबू अन नधर] से [अबू सैद] कहिन; रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: 'बानी इसराइल के समय मा एक औरत रही जेकर सिर पर पट्टी छोट रही, यहिसे उ आपन गोड़न के लिए लकड़ी से कृत्रिम गोड़ बनाइन। ऊ दुइ औरतन के बीच से चलत रहा, जे भी छोट रहीं, सोने के अंगूठी पहिनत रहीं अऊर अंगूठी के पत्थर पर सबसे ज्यादा सुगंधित इत्र रहा, अऊर जब ऊ एक मजलिस - सभा - के पास से गुजरत रहा, तौ ऊ हमेशा आपन अंगूठी हिलावत रहा ताकि उ लोग सुगंध का सूंघ सकै।'