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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Imam Ahmad : 10660

حَدَّثَنَا إِسْمَاعِيلُ حَدَّثَنَا الدَّسْتُوَائِيُّ حَدَّثَنِي يَحْيَى بْنُ أَبِي كَثِيرٍ حَدَّثَنَا عِيَاضٌ قَالَ قُلْتُ لِأَبِي سَعِيدٍ الْخُدْرِيِّ أَحَدُنَا يُصَلِّي فَلَا يَدْرِي كَمْ صَلَّى فَقَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِذَا صَلَّى أَحَدُكُمْ فَلَمْ يَدْرِ كَمْ صَلَّى فَلْيَسْجُدْ سَجْدَتَيْنِ وَهُوَ جَالِسٌ وَإِذَا جَاءَ أَحَدَكُمْ الشَّيْطَانُ فَقَالَ إِنَّكَ قَدْ أَحْدَثْتَ فَلْيَقُلْ كَذَبْتَ إِلَّا مَا وَجَدَ رِيحَهُ بِأَنْفِهِ أَوْ سَمِعَ صَوْتَهُ بِأُذُنِهِ

हमसे कहिन है [इस्माइल] कहिन; हमका बताइस है [अद दुस्तुवा`ई] कहिन; मोका बतावा है [यह्या बिन अबू कथिर] कहिन; हमका बताइस है ['इयाद] कहिन; हम [अबू सईद अल खुदरी] से कहेन; 'हममें से एक नमाज पढ़त है लेकिन ओका पता नाहीं है कि उ केतना रकात किहे है,' उ जवाब दिहिस; रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: 'अगर आप में से कोई नमाज पढ़ रहा है और उसे पता नहीं है कि उसने कितने रकात किये है तो बैठे हुए दो बार सजदा करे। अऊर जब शैतान तोहरे म से एक के पास आवत है, त उ कहत है; 'वास्तव मा तोहरे पास हदत रही है,' तब ऊ कहै; 'तुम झूठ बोलत हौ,' जब तक कि ऊ अपनी नाक से गंध न सूंघे अऊर अपने कान से आवाज न सुन ले'।