Imam Ahmad : 10624
حَدَّثَنَا إِسْحَاقُ بْنُ عِيسَى قَالَ حَدَّثَنِي لَيْثٌ قَالَ حَدَّثَنِي عِمْرَانُ بْنُ أَبِي أَنَسٍ عَنِ ابْنِ أَبِي سَعِيدٍ الْخُدْرِيِّ عَنْ أَبِيهِ أَنَّهُ قَالَ تَمَارَى رَجُلَانِ فِي الْمَسْجِدِ الَّذِي أُسِّسَ عَلَى التَّقْوَى مِنْ أَوَّلِ يَوْمٍ فَقَالَ رَجُلٌ هُوَ مَسْجِدُ قُبَاءَ وَقَالَ رَجُلٌ هُوَ مَسْجِدُ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ هُوَ مَسْجِدِي
हमका बतावा गा है [इशाक बिन ईसा] कहिन; मोका बताइस है [लैट्स] कहिन; [इब्नू अबू सईद अल खुदरी] से [अपने पिता] से [इमरान बिन अबू अनस] से कहिन है, कि उ कहिन; एक ने कहा, 'दुइ लोग एक दूसरे से 'मस्जिद का पहिले दिन से ही धर्मपरायणता पर बनावा जात है' के बारे मा बहस किहिन; 'ई कुबा मस्जिद है,' अऊर दूसर लोग कहिन; 'यह रसूलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कि मस्जिद है,' तब रसूलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: 'यह मेरी मस्जिद है'।