Imam Ahmad : 10595
حَدَّثَنَا ابْنُ أَبِي عَدِيٍّ عَنْ سُلَيْمَانَ عَنْ أَبِي نَضْرَةَ عَنْ أَبِي سَعِيدٍ أَنَّ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ ذَكَرَ قَوْمًا يَكُونُونَ فِي أُمَّتِهِ يَخْرُجُونَ فِي فِرْقَةٍ مِنْ النَّاسِ سِيمَاهُمْ التَّحْلِيقُ هُمْ شَرُّ الْخَلْقِ أَوْ مِنْ شَرِّ الْخَلْقِ يَقْتُلُهُمْ أَدْنَى الطَّائِفَتَيْنِ مِنْ الْحَقِّ قَالَ فَضَرَبَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ لَهُمْ مَثَلًا أَوْ قَالَ قَوْلًا الرَّجُلُ يَرْمِي الرَّمِيَّةَ أَوْ قَالَ الْغَرَضَ فَيَنْظُرُ فِي النَّصْلِ فَلَا يَرَى بَصِيرَةً وَيَنْظُرُ فِي النَّضِيِّ فَلَا يَرَى بَصِيرَةً وَيَنْظُرُ فِي الْفُوقِ فَلَا يَرَى بَصِيرَةً قَالَ قَالَ أَبُو سَعِيدٍ وَأَنْتُمْ قَتَلْتُمُوهُمْ يَا أَهْلَ الْعِرَاقِ
हमका बतावा गा है कि [इब्न अबू आदी] से [सुलेमान] से [अबू नधरा] से [अबू सैद] कहिन; 'असल मा, पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने एक अइसन लोगन का जिक्र किहिन जवन उनके लोगन के बीच प्रकट होइहैं, उइ मनुष्यन के एक समूह मा प्रकट होइहैं, ओनके लक्षण गंजा रहे, उइ प्राणी के सबसे बुरा रहे, या उ कहिन, 'सबसे बुरा प्राणी समेत, ओनका सत्य से ऊपर वाले दुइनौ समूहन मा से सबसे छोटका मार देई'। अबू नाधरा कहिन; तब पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने उनके बारे में एक उदाहरण दिया, या उ एक कहावत कहिन: 'जैसे एक आदमी निशाना फेंकत है, फिर उ तीर के नोक का देखत है लेकिन ओका देख नाहीं पावत है, फिर तीर के ओर देखत है लेकिन उ ओका नाहीं देख पावत है, अऊर धनुष के तार का देखत है लेकिन उ ओका नाहीं देख पावत है'। अबू नाधरा कहिन; अबू सईद कहिन; 'अऊर तुम ओनका मारब, हे इराक के लोग'।