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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Imam Ahmad : 10592

حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ أَبِي عَدِيٍّ عَنْ دَاوُدَ عَنْ أَبِي نَضْرَةَ عَنْ أَبِي سَعِيدٍ قَالَ انْتَظَرْنَا رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ لَيْلَةً صَلَاةَ الْعِشَاءِ حَتَّى ذَهَبَ نَحْوٌ مِنْ شَطْرِ اللَّيْلِ قَالَ فَجَاءَ فَصَلَّى بِنَا ثُمَّ قَالَ خُذُوا مَقَاعِدَكُمْ فَإِنَّ النَّاسَ قَدْ أَخَذُوا مَضَاجِعَهُمْ وَإِنَّكُمْ لَنْ تَزَالُوا فِي صَلَاةٍ مُنْذُ انْتَظَرْتُمُوهَا وَلَوْلَا ضَعْفُ الضَّعِيفِ وَسَقَمُ السَّقِيمِ وَحَاجَةُ ذِي الْحَاجَةِ لَأَخَّرْتُ هَذِهِ الصَّلَاةَ إِلَى شَطْرِ اللَّيْلِ

हमका बतावा गा है कि [मुहम्मद बिन अबू आदी] [दाऊद] से [अबू नदरा] से [अबू सैद] कहिन; अबू सईद ने कहा, 'हम एक रात रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम का आधी रात तक शाम के नमाज पढ़ै का इंतजार किहिन;' 'फिर उ हमरे साथे आवा अऊर प्रार्थना किहिन, वहिके बाद उ कहिन: 'बैठौ, काहे से कि लोग पहिले से ही सोए अहैं, अऊर वास्तव मा तुम अबहियों प्रार्थना गिनती मा हौ काहे से कि तुम एकर इंतजार करत हौ, अगर ई कमजोर लोगन, बीमार लोगन या जरूरतन वाले लोगन के उपस्थिति के लिए न होत, तौ मैं वाकई आधी रात तक ई प्रार्थना का समाप्त करित'।