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इस्लाम अल-हक़: क़ुरआन और हदीस
(सच्चा इस्लाम)



इमाम अहमद : 10535

حَدَّثَنَا كَثِيرٌ حَدَّثَنَا جَعْفَرٌ قَالَ سَمِعْتُ يَزِيدَ بْنَ الْأَصَمِّ يَقُولُ قَالَ أَبُو هُرَيْرَةَ حَدِيثٌ لَا أَحْسِبُهُ إِلَّا رَفَعَهُ إِلَى النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ لَيْسَ الْغِنَى عَنْ كَثْرَةِ الْعَرَضِ وَلَكِنَّ الْغِنَى غِنَى النَّفْسِ وَاللَّهِ مَا أَخْشَى عَلَيْكُمْ الْفَقْرَ وَلَكِنْ أَخْشَى عَلَيْكُمْ التَّكَاثُرَ وَلَكِنْ أَخْشَى عَلَيْكُمْ الْعَمْدَ

हमें बताया है [कतसिर] ने कहा; हमें बताया है [जाफर] ने कहा; मैंने [यज़ीद बिन अल अशाम] को कहते सुना; [अबू हुरैरा] ने समझाया; एक हदीस में जो मुझे लगता है कि पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम को सुनाई गई थी, उन्होंने कहा: "बहुत सारा पैसा होना अमीर होने को नहीं कहते, बल्कि अमीर होने का मतलब है अमीर दिल होना। अल्लाह की कसम, मुझे तुम्हारे गरीबी से डर नहीं है, बल्कि मुझे बहुत सारा पैसा और तुम्हारी निर्भरता से डर है।"

समर्थक हदीस :

इमाम अहमद : 7015, 7240, 7827, 8701, 9272, 9341, 10535, 10542
इमाम बुखारी : 5965
इमाम मुस्लिम : 1741
इमाम तिर्मिदज़ी : 2295
इमाम इब्नु माजा : 4127