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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Barang siapa mendekat kepada-Ku sejengkal, Aku akan mendekat kepadanya sehasta

Imam Ahmad : 10049

حَدَّثَنَا هَاشِمُ بْنُ الْقَاسِمِ حَدَّثَنِي الْمُبَارَكُ عَنِ الْحَسَنِ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ عَلَى ابْنِ آدَمَ ثَلَاثُ عُقَدٍ بِحَرِيرٍ إِذَا بَاتَ مِنْ اللَّيْلِ فَإِنْ هُوَ تَعَارَّ مِنْ اللَّيْلِ فَذَكَرَ اللَّهَ عَزَّ وَجَلَّ انْحَلَّتْ عُقْدَةٌ فَإِنْ تَوَضَّأَ انْحَلَّتْ عُقْدَةٌ فَإِنْ قَامَ فَعَزَمَ فَصَلَّى انْحَلَّتْ الْعُقَدُ جَمِيعًا وَإِنْ هُوَ بَاتَ وَلَمْ يَذْكُرْ اللَّهَ عَزَّ وَجَلَّ وَلَمْ يَتَوَضَّأْ وَلَمْ يُصَلِّ حَتَّى يُصْبِحَ أَصْبَحَ وَعَلَيْهِ الْعُقَدُ جَمِيعًا حَدَّثَنَا إِسْمَاعِيلُ عَنْ يُونُسَ وَلَمْ يَرْفَعْهُ

हमरा सभ केँ [हसीम इब्नुल कासिम] केँ कहि देने छथि, ओ कहलनि; [अबू हुरैरा] स [अल हसन] स हमरा [अल मुबारक] स संबंधित केने छथि, ओ कहलनि; रसुलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहलनि जे, जँ आदम के बेटा राति मे सुतय तखन ओकरा लग तीन गाँठ रस्सी छैक, जँ ओ जागि क’ अल्लाह अज्जा वजल्ला के ज़िकर करत तखन एकटा रस्सी खुजत, आ जँ ओ वजूद करत तखन दोसर रस्सी खुजत, आ जँ ओ नमाज करत तखन सबटा मौजूदा रस्सी खुजि जायत। आ जँ ओ राति मे अल्लाह अज्जा वजल्लाक ज़िकर नहि पढ़ने, वजूद नहि केने आ भोर धरि नमाज नहि केने सुतैत छथि तखनो हुनका लग तीन टा रस्सी छनि | [युनुस] सँ हमरा सभ केँ [इस्माइल] केँ कहने अछि, मुदा ओ ई नहि बुझलक'।

Hadith Corroboration :

Imam Ahmad : 7115, 7831, 8715, 8983, 9244, 9373, 9834, 9863, 10049, 10210, 10267, 10286, 10364, 10488, 10538, 10552, 10553, 11839, 11870, 12715, 13369, 13429, 13502, 15442, 16365
Imam Bukhari : 6856, 6951, 6982, 6983
Imam Muslim : 4832, 4833, 4849, 4850, 4851, 4927
Imam Tirmidzi : 2310, 3527
Imam Ibnu Majah : 3782, 3812
Imam Darimi : 2615