Imam Ahmad : 10048
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ حَدَّثَنِي الْأَشْعَثُ عَنْ مُحَمَّدٍ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ أَنَّ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ أُمَّةٌ مِنْ الْأُمَمِ فُقِدَتْ فَاللَّهُ أَعْلَمُ الْفَأْرُ هِيَ أَمْ لَا أَلَا تَرَى أَنَّهَا إِذَا وُضِعَ لَهَا أَلْبَانُ الْإِبِلِ لَمْ تَطْعَمْهُ
सानु [मुहम्मद बिन अब्दुल्ला] ने दस्सेया है, उसने कहा; ने [अबू हुरैरा] कोला [मुहम्मद] कोला मेरे कन्ने [अल अशअथ] दा रिवायत कीता ऐ, उने आक्खेआ; नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने आख्या: 'कई लोकां विचों इक गायब हो गया है, ते अल्लाह बेहतर जानदा है कि ओह चूहे हन या नहीं, क्या तुसीं नहीं वेख्या कि जदों उस नू ऊंट दा दूध दित्ता जांदा है तां ओह नहीं खांदा'।