इस्लाम स्वीकार करें, यहाँ क्लिक करें
ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Imam Ahmad : 9468

حَدَّثَنَا حَجَّاجٌ قَالَ حَدَّثَنِي لَيْثٌ قَالَ حَدَّثَنِي عُقَيْلٌ عَنِ ابْنِ شِهَابٍ عَنْ أَبِي سَلَمَةَ بْنِ عَبْدِ الرَّحْمَنِ وَسَعِيدِ بْنِ الْمُسَيِّبِ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ أَنَّهُ قَالَ أَتَى رَجُلٌ مِنْ الْمُسْلِمِينَ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَهُوَ فِي الْمَسْجِدِ فَنَادَاهُ فَقَالَ يَا رَسُولَ اللَّهِ إِنِّي زَنَيْتُ فَأَعْرَضَ عَنْهُ فَتَنَحَّى تِلْقَاءَ وَجْهِهِ فَقَالَ لَهُ يَا رَسُولَ اللَّهِ إِنِّي زَنَيْتُ فَأَعْرَضَ عَنْهُ حَتَّى ثَنَّى ذَلِكَ عَلَيْهِ أَرْبَعَ مَرَّاتٍ فَلَمَّا شَهِدَ عَلَى نَفْسِهِ أَرْبَعَ مَرَّاتٍ دَعَاهُ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَالَ أَبِكَ جُنُونٌ قَالَ لَا قَالَ فَهَلْ أَحْصَنْتَ قَالَ نَعَمْ فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ اذْهَبُوا بِهِ فَارْجُمُوهُ قَالَ ابْنُ شِهَابٍ فَأَخْبَرَنِي مَنْ سَمِعَ جَابِرَ بْنَ عَبْدِ اللَّهِ يَقُولُ كُنْتُ فِيمَنْ رَجَمَهُ فَرَجَمْنَاهُ فِي الْمُصَلَّى فَلَمَّا أَذْلَقَتْهُ الْحِجَارَةُ هَرَبَ فَأَدْرَكْنَاهُ بِالْحَرَّةِ فَرَجَمْنَاهُ

हमसे कहिन है [हज्जाज] ने हमसे कहा है [लैट्स] ने हमसे कहा है ['उकैल] से [इब्न शिहाब] से [अबू सलामा बिन अब्दुर्रहमान] अऊर [सैद इब्नुल मुसैयब] से [अबू हुरैराह] कि उ कहिन; मुस्लिम समुदाय का एक आदमी रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से मिलने आया जो मस्जिद में था, फिर उन्होंने उन्हें बुलाया और कहा; 'हे अल्लाह के रसूल, हम व्यभिचार किहे हई,' लेकिन उ मुँह फेर लिहिन, फिर उ आदमी रसूल के सामने से आवा अऊर बोला; 'हे अल्लाह के रसूल, सचमुच मैं व्यभिचार किहे हौं,' लेकिन उ मुँह फेरत रहे, इ हद तक कि उ चार बार अइसन किहिन, एहसे जब उ आदमी स्वीकार किहिन कि उ चार बार व्यभिचार किहिन हैं, तौ अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ओनका बुलाइन, अऊर उ पूछिन: 'का तोहका पागलपन है?' उ जवाब दिहिस; 'नहीं,' ऊ फिर से पूछिस: 'का तुम शादीशुदा हौ?' उ जवाब दिहिस; 'हाँ,' तब रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम ने कहा: 'इ आदमी का लइके पत्थर मारौ'। [इब्न शिहाब] कहिन; [जबिर बिन अब्दुल्ला] से [जबिर बिन अब्दुल्ला] से सुने वाले व्यक्ति ने मुझसे रिपोर्ट की, उ कहिन; 'मैं पत्थर मारने वाले लोगन मा से एक रहेंव, हम खेत मा पत्थर मारेन, यहै कारन जब पत्थर लाग तौ भाग गा, हम फिर से पकड़ लिहेन अउर फिर पत्थर मारेन'।