Apabila bulan ramadhan datang, maka pintu-pintu surga dibuka
Imam Ahmad : 8837
حَدَّثَنَا إِبْرَاهِيمُ بْنُ إِسْحَاقَ حَدَّثَنَا ابْنُ الْمُبَارَكِ عَنْ يُونُسَ عَنِ الزُّهْرِيِّ قَالَ أَخْبَرَنِي ابْنُ أَبِي أَنَسٍ أَنَّ أَبَاهُ حَدَّثَهُ أَنَّهُ سَمِعَ أَبَا هُرَيْرَةَ يَقُولُ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِذَا كَانَ رَمَضَانُ فُتِّحَتْ أَبْوَابُ الرَّحْمَةِ وَغُلِّقَتْ أَبْوَابُ جَهَنَّمَ وَسُلْسِلَتْ الشَّيَاطِينُ
हमसे कहिन [इब्राहिम बिन इशाक] कहिन; हमका [इब्नुल मुबारक] से [यूनुस] से [अज जुहरी] कहिन; मोका [इब्न अबी अनस] सूचित किहिन है कि [उनके पिता] ओनसे कहिन, कि उ [अबू हुरैराह] का कहत सुनिन; रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: 'जब रमजान का महीना आएगा, तब रहमत के द्वार खुलेंगे, जहन्नाम के द्वार बंद होंगे और शैतानों को बेड़ी लग जाएगी'।