Tidak ada yang lebih zhalim daripada orang yang menciptakan seperti ciptaan Allah
Imam Ahmad : 8716
حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ إِسْحَاقَ قَالَ أَخْبَرَنَا ابْنُ لَهِيعَةَ عَنْ يَزِيدَ بْنِ عَمْروٍ قَالَ سَمِعْتُ أَبَا سَلَمَةَ بْنَ عَبْدِ الرَّحْمَنِ يَقُولُ سَمِعْتُ أَبَا هُرَيْرَةَ يَقُولُ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ اللَّهُ عَزَّ وَجَلَّ وَمَنْ أَظْلَمُ مِمَّنْ أَرَادَ أَنْ يَخْلُقَ مِثْلَ خَلْقِي فَلْيَخْلُقْ ذَرَّةً أَوْ حَبَّةً وَقَالَ يَحْيَى مَرَّةً سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَقُولُ وَمَنْ
हमसे कहिन है [यह्या बिन इशाक] हमसे [इब्न लाहिआह] [यजीद बिन अमरू] से कहिन हैं; हम [अबू सलामा बिन अब्दुर्रहमान] का सुनेन हम [अबू हुरैराह] का कहत सुने रहेन; हमने रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम का कहते सुना: 'अल्लाह अज्जा वजल्ला ने कहा: 'अऊर उन लोगन से ज्यादा अन्याय कौन है जे मोर रचना के तरह बनावै चाहत हैं, उ मकई या सरसों के बीज बनावै दे'। अऊर एक मौका पर याह्या कहिन; -अबू हुरैरा;- हमने रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम को कहते सुना: 'और कौन है...'।