Imam Ahmad : 8633
حَدَّثَنَا عَفَّانُ حَدَّثَنَا حَمَّادٌ أَنْبَأَنَا ثَابِتٌ عَنْ أَبِي رَافِعٍ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ كَانَ فِي بَنِي إِسْرَائِيلَ رَجُلٌ يُقَالُ لَهُ جُرَيْجٌ كَانَ يَتَعَبَّدُ فِي صَوْمَعَتِهِ فَأَتَتْهُ أُمُّهُ ذَاتَ يَوْمٍ فَنَادَتْهُ فَقَالَتْ أَيْ جُرَيْجُ أَيْ بُنَيَّ أَشْرِفْ عَلَيَّ أُكَلِّمْكَ أَنَا أُمُّكَ أَشْرِفْ عَلَيَّ قَالَ أَيْ رَبِّ صَلَاتِي وَأُمِّي فَأَقْبَلَ عَلَى صَلَاتِهِ ثُمَّ عَادَتْ فَنَادَتْهُ مِرَارًا فَقَالَتْ أَيْ جُرَيْجُ أَيْ بُنَيَّ أَشْرِفْ عَلَيَّ فَقَالَ أَيْ رَبِّ صَلَاتِي وَأُمِّي فَأَقْبَلَ عَلَى صَلَاتِهِ فَقَالَتْ اللَّهُمَّ لَا تُمِتْهُ حَتَّى تُرِيَهُ الْمُومِسَةَ وَكَانَتْ رَاعِيَةً تَرْعَى غَنَمًا لِأَهْلِهَا ثُمَّ تَأْوِي إِلَى ظِلِّ صَوْمَعَتِهِ فَأَصَابَتْ فَاحِشَةً فَأُخِذَتْ فَحَمَلَتْ وَكَانَ مَنْ زَنَى مِنْهُمْ قُتِلَ قَالُوا مِمَّنْ قَالَتْ مِنْ جُرَيْجٍ صَاحِبِ الصَّوْمَعَةِ فَجَاءُوا بِالْفُؤُوسِ وَالْمُرُورِ فَقَالُوا أَيْ جُرَيْجُ أَيْ مُرَاءٍ ثُمَّ قَالُوا انْزِلْ فَأَبَى وَأَقْبَلَ عَلَى صَلَاتِهِ يُصَلِّي فَأَخَذُوا فِي هَدْمِ صَوْمَعَتِهِ فَلَمَّا رَأَى ذَلِكَ نَزَلَ فَجَعَلُوا فِي عُنُقِهِ وَعُنُقِهَا حَبْلًا وَجَعَلُوا يَطُوفُونَ بِهِمَا فِي النَّاسِ فَوَضَعَ أُصْبُعَهُ عَلَى بَطْنِهَا فَقَالَ أَيْ غُلَامُ مَنْ أَبُوكَ قَالَ أَبِي فُلَانٌ رَاعِي الضَّأْنِ فَقَبَّلُوهُ وَقَالُوا إِنْ شِئْتَ بَنَيْنَا لَكَ الصَّوْمَعَةَ مِنْ ذَهَبٍ وَفِضَّةٍ قَالَ أَعِيدُوهَا كَمَا كَانَتْ
हमसे कहिस है ['अफ्फान] हमसे कहिस है [हम्मद] कहिन; हमका [साबित] से [अबू रफी'] से [अबू हुरैरा] से रिपोर्ट किहिन है; रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: 'बनी इसराइल के समय में जुरैज नाम का एक आदमी था, वह एक सेवक था जो अपनी पूजा स्थल में लगन से पूजा करत रहा, इसलिए एक दिन उनकी मां उनके पास आई और उन्हें बुलाकर बोली; 'हे जुरैज, हे मोरे पूत, मोरे पास आवौ, बात करै चाहत हौं, हम तोहार महतारी, मोरे पास आवौ,' तब जुरैज कहिन; 'हे प्रभु, का हमका आपन प्रार्थना जारी रखै का चाही या हमका आपन महतारी के पास जाय का चाही,' जुरैज ने आखिर मा आपन प्रार्थना जारी रखिन। तब ओकर महतारी ओकरे पास लौटि आई अऊर ओका बार-बार बोलाइस अऊर कहिस; 'हे जुरैज, हे मोरे बेटवा, मोर पास आवौ,' पर जुरैज कहिन; 'हे मोर प्रभु, का हमका आपन प्रार्थना जारी रखै का चाही या हमका आपन महतारी के पास जाय का चाही,' अंत मा उ आपन प्रार्थना जारी रखिन, जब तक कि उनकर महतारी कहिन; 'हे अल्लाह, जब तक ऊ एक व्यभिचारी के बदनामी का सामना न कर ले, तब तक ओका न छोड़ा।' फिर एक औरत रही जो अपने परिवार के बकरियन का चरावत रही और फिर ऊ जुरैज पूजा स्थल मा शरण लिहिस, फिर ऊ औरत जघन्य हरकत किहिस, फिर ओका गिरफ्तार कइके ऊ गर्भवती होइगै, दुइनौ के बीच मा जवन कानून लागू रहा ऊ ई रहा कि जे व्यभिचार करी, ओका मार दीन जई। यहिसे स्त्री से कहा गा रहा; 'तू केकरे साथे व्यभिचार किहे रहेव? ' उ कहिन; 'पूजा स्थल के कब्जा करै वाले जुरैज के साथ,' लोग कुल्हाड़ी अऊर रस्सी लइके जुरैज आए, उई कहिन; 'हे जुरइज, हे बहुवचनी' तब फिर कहे; 'नीचे आओ,' लेकिन जुरैज अनिच्छुक रहा अऊर उ फिर भी आपन प्रार्थना जारी रखिस, जब तक कि लोग ओकर पूजा स्थल का नष्ट नाहीं कइ दिहिन, जब जुरैज ई देखिन तौ उ नीचे आवा, फिर लोग ओकर गर्दन अऊर व्यभिचार करै वाली औरत के गर्दन बांध दिहिन अऊर फिर भीड़ के सामने दुइनौ जने का परेड किहिन, फिर जुरैज व्यभिचार करै वाली औरत के पेट पर आपन उंगली रखिन अऊर कहिन; 'हे बच्चा, तोहार बाप कौन है? ' बच्चा कहिस; 'मेरे बाप बकरी चरवाहे रहे,' आखिर मा लोग जुरैज का चुम लिहिन औ बोले; 'अगर आप चाहत हई त हम आपके पूजा स्थल का सोना अऊर चाँदी से पुनर्निर्माण करब,' लेकिन जुरैज ने जवाब दिहिस; 'मेरे पूजा स्थल का पहिले जइसन बहाल करा'।