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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Sesungguhnya imam dijadikan untuk diikuti, apabila dia rukuk maka rukuklah, bila dia mengangkat kepalanya maka angkatlah kepala
Imam Ahmad : 7809

وَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِنَّمَا جُعِلَ الْإِمَامُ لِيُؤْتَمَّ بِهِ فَلَا تَخْتَلِفُوا عَلَيْهِ وَإِذَا كَبَّرَ فَكَبِّرُوا وَإِذَا رَكَعَ فَارْكَعُوا وَإِذَا قَالَ سَمِعَ اللَّهُ لِمَنْ حَمِدَهُ فَقُولُوا اللَّهُمَّ رَبَّنَا لَكَ الْحَمْدُ وَإِذَا سَجَدَ فَاسْجُدُوا وَإِذَا صَلَّى جَالِسًا فَصَلُّوا جُلُوسًا أَجْمَعِينَ

अजै भी पिछली हदीस रै समान संचरण मार्ग सूं गुजर रैया है; [अबू हुरैरा] सूं; अर अल्लाह रा रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) कह्यो: 'केवल जद उणनै इमाम बणायो जावै तो उणरी पालन करणी चाइजै, इण वास्तै उणसूं असहमत मत होवो, जे वो तकबीर करै तो तकबीर करो, जे वो प्रणाम करै तो प्रणाम करो, जे वो कैवै; 'समीअल्लाहु लिमान हमीदा -अल्लाह बां री स्तुति करणियां नै सब सुणै है-,' फेर कैवो; 'अल्लाहुम्मा रब्बाना लकल हमदू -हे अल्लाह, सगळी स्तुति थारी ही है-, 'अगर वो सजदा करै है तो सजदा करै है, अर अगर वो बैठ'र नमाज करै है तो आप सगळा बैठ'र नमाज करो'।

Hadith Corroboration :

Imam Ahmad : 6847, 7809, 8146, 8534, 8961, 9069, 9275, 9765, 10960, 11631, 12195, 12598, 13689, 18770, 18801, 23116, 23168, 23260, 23994, 24439
Imam Bukhari : 365, 647, 648, 680, 690, 691, 692, 763, 1046, 1047, 1160, 5226
Imam Muslim : 622, 623, 625, 628
Imam Abu Dawud : 509, 511, 512
Imam Tirmidzi : 329
Imam Nasa'i : 786, 821, 823, 912, 913, 1051
Imam Ibnu Majah : 837, 1227, 1228, 1229
Imam Malik : 280, 281
Imam Darimi : 1228, 1277