Imam Bukhari : 5777
حَدَّثَنَا أَبُو نُعَيْمٍ حَدَّثَنَا عُمَرُ بْنُ ذَرٍّ و حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ مُقَاتِلٍ أَخْبَرَنَا عَبْدُ اللَّهِ أَخْبَرَنَا عُمَرُ بْنُ ذَرٍّ أَخْبَرَنَا مُجَاهِدٌ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ قَالَدَخَلْتُ مَعَ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَوَجَدَ لَبَنًا فِي قَدَحٍ فَقَالَ أَبَا هِرٍّ الْحَقْ أَهْلَ الصُّفَّةِ فَادْعُهُمْ إِلَيَّ قَالَ فَأَتَيْتُهُمْ فَدَعَوْتُهُمْ فَأَقْبَلُوا فَاسْتَأْذَنُوا فَأُذِنَ لَهُمْ فَدَخَلُوا
हमसे कहिन [अबू नुएम] हमसे [उमर बिन ज़ार] कहिन हैं, अऊर हमसे कहिन हैं [मुहम्मद बिन मुकातिल] हमसे कहिन हैं [अब्दुल्ला] हमसे कहिन हैं [उमर बिन ज़ार] हमसे [मुजाहिद] [अबू हुरैराह] रदलियाल्लाहु अन्हू से कहिन हैं उ कहिन; 'मैं एक बार रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के साथ घुसा रहा, फिर हमका एक कटोरी दूध मिला, उ कहिन: 'हे अबू हुरैराह, शफ्फा विशेषज्ञन से मिलौ अऊर ओनका इहाँ बुलाओ'। अबू हुरैरा कहिन; 'फिर हम ओनसे मिलेन अऊर ओनका बोलाइन, वहिके बाद ओनके फोन का जवाब दिहिन अऊर घुसै के अनुमति माँगिन, ओनके घुसय के इजाजत के बाद, फिर उ लोग घुसि गें'।