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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Imam Ahmad : 7715

حَدَّثَنَا أَبُو كَامِلٍ وَعَفَّانُ قَالَا حَدَّثَنَا حَمَّادٌ عَنْ أَبِي الْمُهَزِّمِ وَقَالَ عَفَّانُ أَخْبَرَنَا أَبُو الْمُهَزِّمِ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ كُنَّا مَعَ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فِي حَجٍّ أَوْ عُمْرَةٍ فَاسْتَقْبَلْنَا وَقَالَ عَفَّانُ فَاسْتَقْبَلَنَا رِجْلٌ مِنْ جَرَادٍ فَجَعَلْنَا نَضْرِبُهُنَّ بِعِصِيِّنَا وَسِيَاطِنَا وَنَقْتُلُهُنَّ وَأُسْقِطَ فِي أَيْدِينَا فَقُلْنَا مَا نَصْنَعُ وَنَحْنُ مُحْرِمُونَ فَسَأَلْنَا رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَالَ لَا بَأْسَ بِصَيْدِ الْبَحْرِ

हमका [अबू कामिल] अऊर [अफ्फान] से कहा गा है; हमका [हम्मद] [अबू अल मुहाज़ीम] से बताइस है। अऊर [अफ्फान] कहिन; हमका [अबू अल मुहज़िम] का [अबू हुरैरा] से सूचित किहिन है, उ कहिन; हम एक बार पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के साथ तीर्थयात्रा या उमराह पर रहे और फिर हम मिले, -'अफ्फान ने कहा: - टिड्डी का एक समूह हमसे मिला, तो हमने उन्हें लाठी और चाबुक से तब तक मारा जब तक कि हमने उन्हें मार नहीं दिया और वे हमरे हाथ में गिर गए, हमने कहा; 'इहराम के अवस्था मा रहत इन टिड्डियन का का करी?' तब हमने रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से पूछा, तब उन्होंने कहा: 'समुद्री खेल में कुछ गलत नहीं है'।