Setiap anak Adam telah ditetapkan bagiannya dari zina: zina mata adalah pandangan, zina lisan adalah ucapan, hati berhasrat dan berangan-angan, dan kemaluan yang membenarkan atau mendustakannya
Imam Bukhari : 5774
حَدَّثَنَا الْحُمَيْدِيُّ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ عَنْ ابْنِ طَاوُسٍ عَنْ أَبِيهِ عَنْ ابْنِ عَبَّاسٍ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُمَا قَالَ لَمْ أَرَ شَيْئًا أَشْبَهَ بِاللَّمَمِ مِنْ قَوْلِ أَبِي هُرَيْرَةَ ح حَدَّثَنِي مَحْمُودٌ أَخْبَرَنَا عَبْدُ الرَّزَّاقِ أَخْبَرَنَا مَعْمَرٌ عَنْ ابْنِ طَاوُسٍ عَنْ أَبِيهِ عَنْ ابْنِ عَبَّاسٍ قَالَمَا رَأَيْتُ شَيْئًا أَشْبَهَ بِاللَّمَمِ مِمَّا قَالَ أَبُو هُرَيْرَةَ عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِنَّ اللَّهَ كَتَبَ عَلَى ابْنِ آدَمَ حَظَّهُ مِنْ الزِّنَا أَدْرَكَ ذَلِكَ لَا مَحَالَةَ فَزِنَا الْعَيْنِ النَّظَرُ وَزِنَا اللِّسَانِ الْمَنْطِقُ وَالنَّفْسُ تَمَنَّى وَتَشْتَهِي وَالْفَرْجُ يُصَدِّقُ ذَلِكَ كُلَّهُ وَيُكَذِّبُهُ
हमसे कहिन है [अल हुमैदी] हमसे [सुफयान] से [इब्न थावस] से [उनके पिता] से [इब्नू अब्बास] रदलियाल्लाहु अन्हुमा से कहिन हैं उ कहिन; '[अबू हुरैराह के] शब्दन के अलावा लमाम -छोट पाप- के अर्थ से मिलत जुलत कुछौ पर हमार कौनो राय नाहीं है। अऊर ई एक अउर मार्ग से सुनावा गा रहा, ई मोका बतावा गा रहा [महमूद] हमसे कहिन रहा [अब्दुर्राजाक] हमका [ममर] [इब्न थावस] से [अपने पिता] से [इब्नू अब्बास] से कहिन रहा; 'मैं कुछौ के बारे मा नाहीं सोचत हउँ जवन अल लमाम के अर्थ के सबसे करीब होय - छोट पाप - सिवाय जवन [अबू हुरैरा] द्वारा पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से कहा गा रहा: 'वास्तव मा, अल्लाह ने आदम के हर वंशज का व्यभिचार का आपन हिस्सा सौंपा है जवन निश्चित रूप से होब अऊर टाला नाहीं जा सकत है, एहसे व्यभिचार व्यभिचार के आँखिन के व्यभिचार है जीभ भाषण है, इच्छा अऊर दिवास्वप्न का व्यभिचार है, अऊर जननांग हर चीज का औचित्य है या नाहीं'।