Barangsiapa mengamalkan tauhid semurni-murninya, pasti masuk surga tanpa hisab
Imam Ahmad : 7674
حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ حَدَّثَنَا حَمَّادُ بْنُ سَلَمَةَ عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ زِيَادٍ قَالَ سَمِعْتُ أَبَا هُرَيْرَةَ يَقُولُ سَمِعْتُ أَبَا الْقَاسِمِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ يَقُولُ يَدْخُلُ سَبْعُونَ أَلْفًا مِنْ أُمَّتِي الْجَنَّةَ بِغَيْرِ حِسَابٍ فَقَالَ رَجُلٌ ادْعُ اللَّهَ أَنْ يَجْعَلَنِي مِنْهُمْ ثُمَّ قَامَ آخَرُ فَقَالَ ادْعُ اللَّهَ أَنْ يَجْعَلَنِي مِنْهُمْ فَقَالَ سَبَقَكَ بِهَا عُكَّاشَةُ
हमनी के बतवले बा [अब्दुररहमान] हमनी के [हम्मद बिन सलामा] से [मुहम्मद बिन जियाद] से बतवले बाड़े कहले बाड़े; हम [अबू हुरैरा] के कहत सुनले बानी; हम अबुल कुसिम सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के कहत सुननी: 'हमार लोग के सत्तर हजार बिना हिसाब-किताब के स्वर्ग में प्रवेश करीहे' तब एगो आदमी रहे जे कहले रहे; 'नमाज करीं कि अल्लाह हमरा के ओह लोग में शामिल करस' तब एगो अउरी आदमी खड़ा होके कहलस; 'दुआ करऽ कि अल्लाह हमरा के ओह लोग में शामिल करस'। त रसुलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहले कि ''उकासिया रउआ से पहिले हो गईल बा'।