Imam Ahmad : 7633
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ جَعْفَرٍ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ عَنْ سِمَاكٍ عَنْ مَالِكِ بْنِ ظَالِمٍ قَالَ سَمِعْتُ أَبَا هُرَيْرَةَ يَقُولُ سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَبَا الْقَاسِمِ عَلَيْهِ الصَّلَاة وَالسَّلَامُ الصَّادِقَ الْمَصْدُوقَ يَقُولُ إِنَّ هَلَاكَ أُمَّتِي أَوْ فَسَادَ أُمَّتِي رُءُوسٌ أُمَرَاءُ أُغَيْلِمَةٌ سُفَهَاءُ مِنْ قُرَيْشٍ
हमसे कहिन है [मुहम्मद बिन जाफर] हमसे [स्यूबाह] से [लिमक] से [मलिक बिन झालिम] कहिन हैं; हम [अबू हुरैराह] का कहत सुने रहेन; हम ईमानदार अऊर भरोसेमंद रसूलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम, अबुल क़ोसिम अलैहिश शलातु सलाम रहे, जे ईमानदार अऊर भरोसेमंद रहे, का सुनेन: 'वास्तव मा मोर उम्मत का नाश,- या उ कहिन:- मेरी उम्मत का नाश कुरैनाश के वंशज के मूर्ख नेताओं के कारण है'।