Imam Ahmad : 7583
حَدَّثَنَا يَزِيدُ أَخْبَرَنَا حَمَّادُ بْنُ سَلَمَةَ عَنْ عَمَّارِ بْنِ أَبِي عَمَّارٍ قَالَ سَمِعْتُ أَبَا هُرَيْرَةَ يَقُولُ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِذَا أَطَاعَ الْعَبْدُ رَبَّهُ وَسَيِّدَهُ فَلَهُ أَجْرَانِ
हमसे कहिन है [यजीद] हमसे कहिन है [हम्मद बिन सलामा] से ['अम्मर बिन अबी 'अम्मर] कहिन; हम [अबू हुरैराह] का कहत सुने रहेन; रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम कहिन: 'अगर एक दास अपने रब्ब अऊर अपने मालिक के बात मानत है तौ ओका दुई इनाम मिली'।