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इस्लाम अल-हक़: क़ुरआन और हदीस
(सच्चा इस्लाम)



Keutamaan shalat jenazah: barangsiapa menshalatkan jenazah, baginya satu qirath dan barangsiapa menguburkannya, baginya dua qirath

इमाम अहमद : 7049

حَدَّثَنَا سُفْيَانُ أَنَا سَأَلْتُهُ عَنْ سُمَيٍّ عَنْ أَبِي صَالِحٍ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ عَنْ النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مَنْ صَلَّى عَلَى جَنَازَةٍ فَلَهُ قِيرَاطٌ وَمَنْ اتَّبَعَهَا حَتَّى يُفْرَغَ مِنْ شَأْنِهَا فَلَهُ قِيرَاطَانِ أَصْغَرُهُمَا أَوْ أَحَدُهُمَا مِثْلُ أُحُدٍ

हमें [सुफ़यान] बताने के बाद, मैंने उनसे [सुमाय] से [अबू सलेह] से [अबू हुरैरा] से पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से पूछा, उन्होंने कहा: "जो कोई भी एक शव के लिए प्रार्थना करता है, उसे दो किरोथ का इनाम दिया जाएगा, और जो कोई भी इसे तब तक पहुंचाने में भाग लेता है जब तक कि सभी जुलूस पूरे नहीं हो जाते, उसे दो किरोथ का इनाम दिया जाएगा, जो दोनों में से सबसे छोटा या दोनों में से एक उहुद पर्वत जितना बड़ा होगा।"

समर्थक हदीस :

इमाम अहमद : 4635, 6023, 6891, 7049, 7365, 7445, 8655, 8841, 9699, 9758, 10063, 10132, 10340, 11382, 16196, 19666, 21342, 21350, 21399, 21417, 21418
इमाम बुखारी : 1240
इमाम मुस्लिम : 1570, 1571, 1572, 1575
इमाम अबू दाऊद : 2755
इमाम तिर्मिदज़ी : 961
इमाम नसाई : 1967, 1968
इमाम इब्नु माजा : 1528, 1529, 1530