इस्लाम स्वीकार करें, यहाँ क्लिक करें
ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Imam Ahmad : 6525

حَدَّثَنَا وَكِيعٌ حَدَّثَنَا فِطْرٌ وَيَزِيدُ بْنُ هَارُونَ قَالَ أَخْبَرَنَا فِطْرٌ عَنْ مُجَاهِدٍ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَمْرٍو قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِنَّ الرَّحِمَ مُعَلَّقَةٌ بِالْعَرْشِ وَلَيْسَ الْوَاصِلُ بِالْمُكَافِئِ وَلَكِنَّ الْوَاصِلَ مَنْ إِذَا قَطَعَتْهُ رَحِمُهُ وَصَلَهَا قَالَ يَزِيدُ الْمُوَاصِلُ

हमसे कहिस है [वाकी'] हमसे कहिस है [फिथर]। अऊर [यजीद बिन हारून] उ कहिन; हमका [फिथर] [मुजाहिद] से [अब्दुल्ला बिन अमरू] से रिपोर्ट किहिन है, उ कहिन; रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि व सलाम कहिन: 'वास्तव मा दोस्ती के बंधन सिंहासन पर निर्भर करत हैं, ओनका जोड़ै वाले नाहीं, बल्कि ओनका जोड़ै वाले, लेकिन दोस्ती के बंधन का जोड़ै वाले वै हैं जे अगर ओनके बंधन टूट जात हैं, तौ हमेशा ओनका ठीक करत हैं'। यजीद ने कहा: अर्थात् उ व्यक्ति जे जोड़त है।