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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Imam Ahmad : 6483

حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ جَعْفَرٍ حَدَّثَنَا حُسَيْنٌ الْمُعَلِّمُ عَنْ عَمْرِو بْنِ شُعَيْبٍ عَنْ أَبِيهِ عَنْ جَدِّهِ أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ لَمَّا فَتَحَ مَكَّةَ قَالَ فِي خُطْبَتِهِ فِي الْأَصَابِعِ عَشْرٌ عَشْرٌ وَفِي الْمَوَاضِحِ خَمْسٌ خَمْسٌ

हमसे कहिन है [मुहम्मद बिन जाफर] हमसे [हुसैन अल मुअल्लिम] से [अमरू बिन स्यूअैब] से [अपने पिता] से [अपने दादा] से कहिन हैं, उ कहिन; कि पैगम्बर सल्लल्लाह अलैहि व सलाम ने मक्का शहर के विजय के दौरान अपने उपदेश में कहा था 'दस उंगलियों पर, जेहिमा से एक उंगली दस ऊँट का जुर्माना है, अऊर पांच अल मावदलिह पर - गहरे घाव ताकि हड्डी दिखाई दे - उनमें से हर एक पाँच ऊंट का जुर्माना है'।