Imam Ahmad : 6390
حَدَّثَنَا يَحْيَى عَنِ ابْنِ عَجْلَانَ عَنْ عَمْرِو بْنِ شُعَيْبٍ عَنْ أَبِيهِ عَنْ جَدِّهِ أَنَّ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ يُحْشَرُ الْمُتَكَبِّرُونَ يَوْمَ الْقِيَامَةِ أَمْثَالَ الذَّرِّ فِي صُوَرِ النَّاسِ يَعْلُوهُمْ كُلُّ شَيْءٍ مِنْ الصَّغَارِ حَتَّى يَدْخُلُوا سِجْنًا فِي جَهَنَّمَ يُقَالُ لَهُ بُولَسُ فَتَعْلُوَهُمْ نَارُ الْأَنْيَارِ يُسْقَوْنَ مِنْ طِينَةِ الْخَبَالِ عُصَارَةِ أَهْلِ النَّارِ
हमका [यह्या] से [इब्न इजलान] से [अमरू बिन स्यूएब] से [उनके पिता] से [अपने दादा] से, पैगम्बर सल्लल्लाह अलैहि व सलाम से बतावा गा है कि उ कहिन: 'जो लोग क़ामत के दिन अविनाशी हैं, उ एक छोटे से मानव रूप मा मानव रूप मा पुनर्जीवित होइहैं। उनके सामने सब कुछ लंबा लागत रहा काहे से कि उ बहुत छोट रहे, जब तक कि ओनका बुलास नामक नरक के जेल मा फेंक दीन गा रहा अऊर ओनका अल अन-यार के आग से खावा गा रहा, ओनका नरक के निवासियन के थिनतुल खोबल - खून अऊर मवाद - से भी पेय पिलावा गा रहा'।