Imam Bukhari : 5586
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ سِنَانٍ حَدَّثَنَا فُلَيْحُ بْنُ سُلَيْمَانَ حَدَّثَنَا هِلَالُ بْنُ عَلِيٍّ عَنْ أَنَسٍ قَالَلَمْ يَكُنْ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَاحِشًا وَلَا لَعَّانًا وَلَا سَبَّابًا كَانَ يَقُولُ عِنْدَ الْمَعْتَبَةِ مَا لَهُ تَرِبَ جَبِينُهُ
हमसे कहिस है [मुहम्मद बिन सिनान] हमसे कहिस है [फुलैह बिन सुलेमान] हमसे कहिस है [हिलाल बिन अली] से [अनास] उ कहिन; 'अल्लाह के रसूल शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कभी भी कुछ क्रूर, गाली या आलोचना नहीं कही, जब उ आलोचना करै चाहत रहें, तौ उ कहत रहें: 'उनकर माथा धूल भरा काहे है - व्यंग्यात्मक भाषा मा -'।