Bukan golongan kami yang tak menyayangi anak kecil
इमाम बुखारी : 5539
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ يُوسُفَ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ عَنْ هِشَامٍ عَنْ عُرْوَةَ عَنْ عَائِشَةَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهَا قَالَتْجَاءَ أَعْرَابِيٌّ إِلَى النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَالَ تُقَبِّلُونَ الصِّبْيَانَ فَمَا نُقَبِّلُهُمْ فَقَالَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَوَأَمْلِكُ لَكَ أَنْ نَزَعَ اللَّهُ مِنْ قَلْبِكَ الرَّحْمَةَ
[मुहम्मद बिन यूसुफ] ने हमें [सुफियान] से [हिशा] से [उरवाह] से [आयशा] (अल्लाह उन पर प्रसन्न हो) से वर्णित किया, जिन्होंने कहा: "एक बद्दू अरब पैगंबर के पास आया (अल्लाह की शांति और आशीर्वाद उस पर हो) और कहा: "आप अपने बच्चों को चूमते हैं, लेकिन हम कभी अपने बच्चों को नहीं चूमते।" तो पैगंबर (अल्लाह की शांति और आशीर्वाद उस पर हो) ने कहा: "क्या मेरे पास वह है जो अल्लाह ने तुम्हारे दिलों से स्नेह के रूप में निकाल दिया है?"
समर्थक हदीस :
इमाम अहमद : 6445, 6640, 6643, 6776, 6824, 6988, 7329, 10257, 10935, 11278, 18373, 18375, 18378, 18379, 18393, 18398, 18407, 18444, 18447, 18450, 18461
इमाम बुखारी : 5538, 5539, 5554, 6828
इमाम मुस्लिम : 4281, 4282, 4283
इमाम अबू दाऊद : 4292, 4541
इमाम तिर्मिदज़ी : 1834, 1842, 1843, 1844, 1845
इमाम इब्नु माजा : 3655