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इस्लाम अल-हक़: क़ुरआन और हदीस
(सच्चा इस्लाम)



इमाम अहमद : 5228

حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ جَعْفَرٍ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ عَنْ عُقْبَةَ بْنِ حُرَيْثٍ سَمِعْتُ ابْنَ عُمَرَ يَقُولُ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ الْتَمِسُوهَا فِي الْعَشْرِ الْأَوَاخِرِ يَعْنِي لَيْلَةَ الْقَدْرِ فَإِنْ ضَعُفَ أَحَدُكُمْ أَوْ عَجَزَ فَلَا يُغْلَبَنَّ عَلَى السَّبْعِ الْبَوَاقِي

हमें बताया गया है कि [मुहम्मद बिन जाफर] ने हमें [स्यूबा] [उकबा बिन हुरैत्स] से बताया है कि मैंने [इब्न उमर] को कहते सुना, रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: "रमजान के आखिरी दस दिनों में लैलतुल कद्र की प्रतीक्षा करो, यदि तुम में से कोई कमजोर या असमर्थ हो, तो शेष सात आखिरी दिनों को कभी न चूकें।"

समर्थक हदीस :

इमाम अहमद : 1056, 3664, 4143, 4270, 4442, 4701, 5031, 5173, 5228, 5662, 14080, 15466
इमाम बुखारी : 1876, 6476
इमाम मुस्लिम : 1985, 1986, 1989
इमाम अबू दाऊद : 1177
इमाम मलिक : 613, 616
इमाम दरिमी : 1717