Ketetapan talak Tiga/al-Battah dihitung satu kali talak
Imam Ahmad : 5018
حَدَّثَنَا رَوْحُ بْنُ عُبَادَةَ حَدَّثَنَا ابْنُ جُرَيْجٍ أَخْبَرَنِي أَبُو الزُّبَيْرِ أَنَّهُ سَمِعَ عَبْدَ الرَّحْمَنِ بْنَ أَيْمَنَ يَسْأَلُ ابْنَ عُمَرَ وَأَبُو الزُّبَيْرِ يَسْمَعُ فَقَالَ ابْنُ عُمَرَ قَرَأَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ { يَا أَيُّهَا النَّبِيُّ إِذَا طَلَّقْتُمْ النِّسَاءَ فَطَلِّقُوهُنَّ } فِي قُبُلِ عِدَّتِهِنَّ
हमसे कहिन है [रौह बिन उबादा] हमसे कहिन है [इब्नू जुरैज] ने हमसे [अबू अज जुबैर] बतावा है, कि उ अब्दुर्रहमान बिन ऐमान का इब्न उमर से पूछत सुने रहे जबकि अबू अज जुबैर ने सुना, [इब्नू उमर] फिर कहिन, 'रसूलल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम नबी पढ़िन: अगर आपकी पत्नी तलाक करत हैं' फिर ओनसे तलाक दइ द्या-' -प्रश्न। अथ थलाक: 1- अपने इदाह अवधि के शुरुआत मा।