Keutamaan generasi awal umat Islam dan ramalan munculnya fitnah setelah mereka
Imam Ahmad : 4573
حَدَّثَنَا يَزِيدُ أَخْبَرَنَا مُحَمَّدُ بْنُ إِسْحَاقَ عَنْ نَافِعٍ عَنِ ابْنِ عُمَرَ قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِنَّهُ لَمْ يَكُنْ نَبِيٌّ قَبْلِي إِلَّا وَصَفَهُ لِأُمَّتِهِ وَلَأَصِفَنَّهُ صِفَةً لَمْ يَصِفْهَا مَنْ كَانَ قَبْلِي إِنَّهُ أَعْوَرُ وَاللَّهُ تَبَارَكَ وَتَعَالَى لَيْسَ بِأَعْوَرَ عَيْنُهُ الْيُمْنَى كَأَنَّهَا عِنَبَةٌ طَافِيَةٌ
हमसे कहिन है [यजीद] हमसे कहिन है [मुहम्मद बिन इशाक] से [नफी'] से [इब्न उमर] उ कहिन, 'रसूलल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम कहिन: 'वास्तव मा, मोर पहिले कौनो नबी नाहीं रहा जब तक कि उ ओका - दज्जल- का अपने लोगन के लिए नाहीं जोड़त रहा, अऊर मैं ओका अइसन विशेषता देत हई जेसे पहिले केहू नाहीं रहा। दरअसल, दज्जल एक आँख से अंधा है, जबकि अल्लाह तबराक वा तआला अपनी दाहिनी आँख से अंधा नहीं है, उनकी आँखें अंगूर के तरह हैं जो बाहर निकल रहे हैं'।