इस्लाम स्वीकार करें, यहाँ क्लिक करें
ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Imam Ahmad : 4052

حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ جَعْفَرٍ حَدَّثَنَا سَعِيدٌ عَنْ قَتَادَةَ عَنْ خِلَاسٍ وَعَنْ أَبِي حَسَّانَ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عُتْبَةَ بْنِ مَسْعُودٍ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ مَسْعُودٍ أَنَّ سُبَيْعَةَ بِنْتَ الْحَارِثِ وَضَعَتْ حَمْلَهَا بَعْدَ وَفَاةِ زَوْجِهَا بِخَمْسَ عَشْرَةَ لَيْلَةً فَدَخَلَ عَلَيْهَا أَبُو السَّنَابِلِ فَقَالَ كَأَنَّكِ تُحَدِّثِينَ نَفْسَكِ بِالْبَاءَةِ مَا لَكِ ذَلِكَ حَتَّى يَنْقَضِيَ أَبْعَدُ الْأَجَلَيْنِ فَانْطَلَقَتْ إِلَى رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَأَخْبَرَتْهُ بِمَا قَالَ أَبُو السَّنَابِلِ فَقَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ كَذَبَ أَبُو السَّنَابِلِ إِذَا أَتَاكِ أَحَدٌ تَرْضَيْنَهُ فَأْتِينِي بِهِ أَوْ قَالَ فَأَنْبِئِينِي فَأَخْبَرَهَا أَنَّ عِدَّتَهَا قَدْ انْقَضَتْ حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ بَكْرٍ حَدَّثَنَا سَعِيدٌ عَنْ قَتَادَةَ عَنْ خِلَاسٍ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عُتْبَةَ أَنَّ سُبَيْعَةَ بِنْتَ الْحَارِثِ فَذَكَرَ الْحَدِيثَ أَوْ نَحْوَ ذَلِكَ وَقَالَ فِيهِ وَإِذَا أَتَاكِ كُفُؤٌ فَأْتِينِي أَوْ أَنْبِئِينِي وَلَيْسَ فِيهِ ابْنُ مَسْعُودٍ و قَالَ عَبْدُ الْوَهَّابِ عَنْ خِلَاسٍ عَنِ ابْنِ عُتْبَةَ مُرْسَلٌ

हमसे कहिन है [मुहम्मद बिन जाफर] हमसे कहिन है [सैद] से [कतदाह] से [खिलास] से, अऊर [अबू हसन] से [अब्दुल्लाह बिन उत्बाह बिन मसूद] से [अब्दुल्लाह बिन मसूद] से कि सुबैयाह बिन अल हरिथ ने अपने पति के मरे के पन्द्रह रात बाद बच्चा पैदा किहिन, फिर अबुबिल ने कहा अऊर सनाबिल ने कहा; अइसा लागत है कि आप घोषणा करै चाहत हई कि आप बा'आह हैं - इद्दाह खतम होइ गवा है अऊर शादी करै के लिए तैयार है -, जानत हैं कि आप दुई सबसे लंबा इद्दाह में से एक के बाद तक शादी नाहीं कइ सकत हैं। फिर सुबैया पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के पास गें अऊर ओनसे कहिन कि अबू सनाबिल ने का कहा रहा, तब पैगम्बर सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम ने कहा: अबू सनाबिल ने झूठ बोला है, अगर आपके पसंद का कोई व्यक्ति आपसे प्रपोज करै आवत है तो मेरे पास आओ या मोहि सूचित करौ, तब सुबैया पैगम्बर से सूचित किहिन कि उनकर पैगम्बर ओवर होइ चुका है। हमका बतावत [अब्दुल्लाह बिन बकर], कहिन: हमका बतावत [सैद] से [कोताददा] से [खिलास] से [अब्दुल्लाह बिन उत्बाह]: निश्चय ही सुबैयाह बिन हरिथ ने तब हदीस या कुछ इसी तरह से सुनाई अऊर वहिमा पैगम्बर कहिन: अगर आपके जइसन कोई आपके पास आवत है, तौ बतावे या बतावै आवत है। लेकिन यहिमा इब्न मसूद नाहीं हैं अऊर [अब्दुल वहाब] कहिन: ई हदीस [खिलास] से [इब्न उतबा] से मुर्सल तरीका से सुनाई गै रही।