Telaga putih baunya wangi
Imam Ahmad : 3837
حَدَّثَنَا أَبُو مُعَاوِيَةَ حَدَّثَنَا الْأَعْمَشُ عَنْ شَقِيقٍ عَنْ عَبْدِ اللَّهِ قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَنَا فَرَطُكُمْ عَلَى الْحَوْضِ وَلَأُنَازَعَنَّ أَقْوَامًا ثُمَّ لَأُغْلَبَنَّ عَلَيْهِمْ فَأَقُولُ يَا رَبِّ أَصْحَابِي فَيُقَالُ إِنَّكَ لَا تَدْرِي مَا أَحْدَثُوا بَعْدَكَ
हमसे कहिस है [अबू मुआविया] हमसे [अल अमासी] से [स्याक] से [अब्दुल्ला] कहिस है; रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: 'मैं झील के लिए आपसे आगे रहा, वास्तव में मैं बहुत लोगन द्वारा विरोध करब तब मैं ओनके ऊपर जीत गवा, मैंने पूछा: हे मेरे रब्ब, मेरे दोस्त। फिर ई कहिस; तुम नाहीं जानत हौ कि तुमरे मरय के बाद उइ का किहिन हैं'।