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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Imam Ahmad : 2737

حَدَّثَنَا هَاشِمُ بْنُ الْقَاسِمِ عَنِ ابْنِ أَبِي ذِئْبٍ عَنْ قَارِظِ بْنِ شَيْبَةَ عَنْ أَبِي غَطَفَانَ قَالَ دَخَلْتُ عَلَى ابْنِ عَبَّاسٍ فَوَجَدْتُهُ يَتَوَضَّأُ فَمَضْمَضَ ثُمَّ اسْتَنْشَقَ ثُمَّ قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ اثْنَتَيْنِ اثْنَتَيْنِ أَوْ ثِنْتَيْنِ بَالِغَتَيْنِ أَوْ ثَلَاثًا

हमका बतावा गा है [हसीम बिन अल कासिम] से [इब्न अबू दज़ी`ब] से [करिज़ बिन स्याबा] से [अबू गठफान] कहिन; मैं [इब्नू अब्बास] के जगह मा गय अऊर मैं ओका वजू लेत पावा। तौ उ आपन मुँह गरारा किहिन अऊर इस्टिन्स्याक किहिन - आपन नाक मा पानी साँस लिहिन - फिर उ कहिन; रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: 'दो बार-दो बार, या दो बार पूरी तरह से, या तीन बार'।