Imam Ahmad : 2633
حَدَّثَنَا مُعَاوِيَةُ حَدَّثَنَا أَبُو إِسْحَاقَ عَنْ سُفْيَانَ عَنْ حَبِيبِ بْنِ أَبِي عَمْرَةَ عَنْ سَعِيدِ بْنِ جُبَيْرٍ عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ قَالَ كَانَ الْمُسْلِمُونَ يُحِبُّونَ أَنْ تَظْهَرَ الرُّومُ عَلَى فَارِسَ لِأَنَّهُمْ أَهْلُ كِتَابٍ وَكَانَ الْمُشْرِكُونَ يُحِبُّونَ أَنْ تَظْهَرَ فَارِسُ عَلَى الرُّومِ لِأَنَّهُمْ أَهْلُ أَوْثَانٍ فَذَكَرَ ذَلِكَ الْمُسْلِمُونَ لِأَبِي بَكْرٍ فَذَكَرَ أَبُو بَكْرٍ ذَلِكَ لِرَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَالَ لَهُ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ أَمَا إِنَّهُمْ سَيَهْزِمُونَ فَذَكَرَ ذَلِكَ أَبُو بَكْرٍ لَهُمْ فَقَالُوا اجْعَلْ بَيْنَنَا وَبَيْنَكَ أَجَلًا فَإِنْ ظَهَرُوا كَانَ لَكَ كَذَا وَكَذَا وَإِنْ ظَهَرْنَا كَانَ لَنَا كَذَا وَكَذَا فَجَعَلَ بَيْنَهُمْ أَجَلًا خَمْسَ سِنِينَ فَلَمْ يَظْهَرُوا فَذَكَرَ ذَلِكَ أَبُو بَكْرٍ لِلنَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَالَ أَلَا جَعَلْتَهُ أُرَاهُ قَالَ دُونَ الْعَشْرِ قَالَ وَقَالَ سَعِيدٌ الْبِضْعُ مَا دُونَ الْعَشْرِ قَالَ فَظَهَرَتْ الرُّومُ بَعْدَ ذَلِكَ فَذَلِكَ قَوْلُهُ تَعَالَى { الم غُلِبَتْ الرُّومُ فِي أَدْنَى الْأَرْضِ وَهُمْ مِنْ بَعْدِ غَلَبِهِمْ سَيَغْلِبُونَ فِي بِضْعِ سِنِينَ } قَالَ فَغُلِبَتْ الرُّومُ بَعْدُ ثُمَّ غَلَبَتْ بَعْدُ قَالَ { لِلَّهِ الْأَمْرُ مِنْ قَبْلُ وَمِنْ بَعْدُ وَيَوْمَئِذٍ يَفْرَحُ الْمُؤْمِنُونَ بِنَصْرِ اللَّهِ } قَالَ يَفْرَحُ الْمُؤْمِنُونَ بِنَصْرِ اللَّهِ
हमसे कहिस है [मुआविया] हमसे [अबू इशाक] से [सुफियान] से [हबीब बिन अबू अमरा] से [सैद बिन जुबैर] से [इब्न अब्बास] से कहिस है, उ कहिन; 'मुसलमानन का उम्मीद रही कि रोमन फारसियन का हरा सकत हैं, काहे से कि उ लोग किताब के लोग रहे। इ बीच, बहुदेववादी लोगन का उम्मीद रही कि फारसी रोमियन का हरा सकत हैं, काहे से कि उ मूर्तिपूजक रहे। तब उइ अबू बकर से ई बात कहिन, फिर अबू बकर रसूलल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम तक पहुँचाइन, तब पैगम्बर सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम ने उनसे कहिन; 'जानौ कि ओनके पास जीत होई'। तब अबू बकर ने यह बात उन तक पहुँचाई, उन्होंने कहा; 'हमरे अऊर आपके बीच का समय तय करा। अगर उई जीत जात हैं, तौ तोहरे लिए फलाना अऊर फलाना। अऊर अगर उई जीत जात हैं, तौ हमरे लिए फलाना अऊर फलाना'। फिर पाँच साल तय कीन गा रहा, लेकिन उइ - रोमन - अबहीं तक जीत नाहीं पाए रहे। तो अबू बकर ने यह बात पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम तक पहुँचाई, फिर उन्होंने कहा: 'तुम इसे काहे नहीं बनावत हौ - - जाहिर तौर पर - उ कहिन: - दस साल से कम'। -सैद बिन जुबैर ने समझाया; 'अल बिदलु दस से कम है'।- इब्न अब्बास जारी रखिन; 'फिर वहिके बाद रोमियन जीत हासिल किहिन। यही अल्लाह तआला के शब्दन का -अर्थ- है: -अलिफ लाम मीम। रोमन पास के देश मा हार गए हैं अऊर हार के बाद कुछ सालन मा जीत जइहैं। इब्न अब्बास कहिन; तब रोमियन का पराजित कीन जा सकत रहा, फिर वहिके बाद जीत हासिल कीन जा सकत रही। ऊ फिर से कहिस; -पहिले अऊर बाद के मामला अल्लाह के हैं -उनका जीत मिली-, अऊर रोमियन के जीत के दिन -मुमिन आनन्दित रहे, अल्लाह के मदद से - आस्तिक भी अल्लाह के मदद से आनन्दित रहे।