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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Imam Ahmad : 2562

حَدَّثَنَا أَسْوَدُ بْنُ عَامِرٍ حَدَّثَنَا شَرِيكٌ عَنْ عَطَاءِ بْنِ السَّائِبِ عَنْ أَبِي يَحْيَى الْأَعْرَجِ عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ قَالَ اخْتَصَمَ إِلَى النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ رَجُلَانِ فَوَقَعَتْ الْيَمِينُ عَلَى أَحَدِهِمَا فَحَلَفَ بِاللَّهِ الَّذِي لَا إِلَهَ إِلَّا هُوَ مَا لَهُ عِنْدَهُ شَيْءٌ قَالَ فَنَزَلَ جِبْرِيلُ عَلَى النَّبِيِّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَقَالَ إِنَّهُ كَاذِبٌ إِنَّ لَهُ عِنْدَهُ حَقَّهُ فَأَمَرَهُ أَنْ يُعْطِيَهُ حَقَّهُ وَكَفَّارَةُ يَمِينِهِ مَعْرِفَتُهُ أَنْ لَا إِلَهَ إِلَّا اللَّهُ أَوْ شَهَادَتُهُ

हमसे कहिन है [असवाद बिन अमीर] हमसे [शारीक] ['अथो` बिन अस साईब] से [अबू याह्या अल अ'राज] से [इब्न अब्बास] से कहिन हैं, उ कहिन; 'दुइ मनई झगड़ा किहिन अऊर पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से शिकायत किहिन, फिर ओनमा से एक का कसम खावै का कहा गा, उ अल्लाह के नाम से कसम भी खाइस कि उनके अलावा पूजा के लायक कौनो भगवान नाहीं है, कि कुछौ भी उनकर नाहीं है - उनके दुश्मन का है - उनके पास'। तब जिबरील पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के पास आये और बोले; 'उनका झूठ बोला है, दरअसल उनके पास उ व्यक्ति के अधिकार हैं - उनके दुश्मन -'। यहिसे उइ ओका व्यक्ति के अधिकार सौंपै का आदेश दिहिन, जबकि ओनके शपथ के फिरौती ला इलाहा इल्लाल्लाह रही, यानी ओनके शहादा'।