Imam Ahmad : 807
حَدَّثَنَا الْوَلِيدُ بْنُ الْقَاسِمِ بْنِ الْوَلِيدِ الْهَمْدَانِيُّ حَدَّثَنَا إِسْرَائِيلُ حَدَّثَنَا إِبْرَاهِيمُ يَعْنِي ابْنَ عَبْدِ الْأَعْلَى عَنْ طَارِقِ بْنِ زِيَادٍ قَالَ خَرَجْنَا مَعَ عَلِيٍّ إِلَى الْخَوَارِجِ فَقَتَلَهُمْ ثُمَّ قَالَ انْظُرُوا فَإِنَّ نَبِيَّ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ قَالَ إِنَّهُ سَيَخْرُجُ قَوْمٌ يَتَكَلَّمُونَ بِالْحَقِّ لَا يُجَاوِزُ حَلْقَهُمْ يَخْرُجُونَ مِنْ الْحَقِّ كَمَا يَخْرُجُ السَّهْمُ مِنْ الرَّمِيَّةِ سِيمَاهُمْ أَنَّ مِنْهُمْ رَجُلًا أَسْوَدَ مُخْدَجَ الْيَدِ فِي يَدِهِ شَعَرَاتٌ سُودٌ إِنْ كَانَ هُوَ فَقَدْ قَتَلْتُمْ شَرَّ النَّاسِ وَإِنْ لَمْ يَكُنْ هُوَ فَقَدْ قَتَلْتُمْ خَيْرَ النَّاسِ فَبَكَيْنَا ثُمَّ قَالَ اطْلُبُوا فَطَلَبْنَا فَوَجَدْنَا الْمُخْدَجَ فَخَرَرْنَا سُجُودًا وَخَرَّ عَلِيٌّ مَعَنَا سَاجِدًا غَيْرَ أَنَّهُ قَالَ يَتَكَلَّمُونَ بِكَلِمَةِ الْحَقِّ
हमसे कहिन [अल वलिद बिन अल कासिम बिन अल वलिद अल हमदानी] हमसे कहिन हैं [इजरायल] हमसे कहिन हैं [इब्राहिम] अर्थात् इब्न अब्दुल अ'ला, [थारिक बिन जियाद] से कहिन; हम [अली] के साथे अल खवारिज समूह से लड़त हुए बाहर गयेन, ताकि हम ओनका मार सकित, फिर उ कहिन; ध्यान दें, पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: 'एक लोग आएंगे, अल हक कहते हैं लेकिन उनके गले तक नहीं पहुंचता, दरअसल वे अल हक से ऐसे निकलते हैं जैसे धनुष से तीर निकलता है। ओनके संकेतन मा से एक ई है कि ओनके बीच एक मनई है जेकर त्वचा काली है, छोट हाथ अऊर बहुत सारा काला बाल हैं। अगर ई उहै है, तौ आपने सबसे बुरा मनई का मार डावा है, लेकिन अगर नाहीं, तौ आपने सबसे अच्छा मनई का मार डावा है'। हम सब रोये, तब अली रदलियाल्लाह अन्हू कहिन; 'पाउब'। तौ हम ओका ढूंढेन अऊर हमका ऊ कम हाथ वाला मनई मिला, तौ हम गिर के सजदा किहिन, अऊर अली भी गिर के सजदा किहिन, लेकिन उ कहिन; 'वे सही वाक्यन मा बोलत हैं'।