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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Imam Ahmad : 682

حَدَّثَنَا خَلَفُ بْنُ الْوَلِيدِ حَدَّثَنَا إِسْرَائِيلُ عَنْ أَبِي إِسْحَاقَ عَنِ الْحَارِثِ عَنْ عَلِيٍّ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ قَالَ قَالَ النَّبِيُّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ لَا تَقُومُ السَّاعَةُ حَتَّى يُلْتَمَسَ الرَّجُلُ مِنْ أَصْحَابِي كَمَا تُلْتَمَسُ الضَّالَّةُ فَلَا يُوجَدُ

हमसे [खलफ बिन अल वालिद] हमसे [इजरायल] से [अबू इशाक] से [अल हरिथ] से [अली] से कहिन है, उ कहिन; पैगम्बर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा: 'कयामत का दिन तब तक नहीं होई जब तक कि मोर साथियन के एक मनई का खोजा नाहीं जात - ओकर गलती - जइसे कि खोई हुई वस्तु का खोजा जात है, लेकिन ओका नाहीं मिलत है'।