Imam Ahmad : 48
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ جَعْفَرٍ حَدَّثَنَا شُعْبَةُ قَالَ سَمِعْتُ أَبَا إِسْحَاقَ يَقُولُ سَمِعْتُ الْبَرَاءَ قَالَ لَمَّا أَقْبَلَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مِنْ مَكَّةَ إِلَى الْمَدِينَةِ عَطِشَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ فَمَرُّوا بِرَاعِي غَنَمٍ قَالَ أَبُو بَكْرٍ الصِّدِّيقُ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُ فَأَخَذْتُ قَدَحًا فَحَلَبْتُ فِيهِ لِرَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ كُثْبَةً مِنْ لَبَنٍ فَأَتَيْتُهُ بِهِ فَشَرِبَ حَتَّى رَضِيتُ
हमसे कहिस है [मुहम्मद बिन जाफर] हमसे कहिस है [स्यूबाह] उ कहिन; हम [अबू इशाक] का कहत सुने रहेन; हम [अल बार्रा'] का कहत सुने रहेन; जब रसूलल्लाह शल्लल्लाह अलैहि वसल्लम मक्का से मदीना जात रहें, रसूलल्लाह शल्लल्लाह अलैहि वसल्लम प्यासे रहे, तब उ लोग एक बकरी चरवाहे के पास से गुजरे, [अबू बकर अश शिद्दीक] कहिन; हम एक जग लिहेन फिर रसूलुल्लाह सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम के लिए ओमा थोड़ा दूध व्यक्त किहेन, फिर हम ओका दिहेन अऊर उ तब तक पियत रहे जब तक कि हमका राहत महसूस नाइ भै'।