Imam Bukhari : 4994
حَدَّثَنِي إِسْحَاقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ أَخْبَرَنَا رَوْحُ بْنُ عُبَادَةَ حَدَّثَنَا ابْنُ أَبِي ذِئْبٍ عَنْ سَعِيدٍ الْمَقْبُرِيِّ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ رَضِيَ اللَّهُ عَنْهُأَنَّهُ مَرَّ بِقَوْمٍ بَيْنَ أَيْدِيهِمْ شَاةٌ مَصْلِيَّةٌ فَدَعَوْهُ فَأَبَى أَنْ يَأْكُلَ وَقَالَ خَرَجَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ مِنْ الدُّنْيَا وَلَمْ يَشْبَعْ مِنْ خُبْزِ الشَّعِيرِ
हमका बतावा है [इशाक बिन इब्राहिम] हमसे कहिस है [रौह बिन उबादा] हमसे कहिस है [इब्न अबू दज़ीब] से [सैद अल मकबुरी] से [अबू हुरैराह] रदलियाल्लाहु अन्हू, कि एक बार उ एक लोगन के पास से गुजरिन जेकरे सामने एक बकरी रही जेका भुना गा रहा। फिर बोलाइन, लेकिन बकरी के मांस खाए से हिचकिचाए रहे। अऊर अबू हुरैरा कहिन, 'अल्लाह के रसूल सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ई दुनिया से चले गें, लेकिन उ नरम गेहूँ से बनी रोटी खाए से कभी पेट नाहीं भरिन'।