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ISLAM AL-HAQ: QURAN & HADITH
(The True Islam)



Imam Bukhari : 4965

حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ قَالَ يَحْيَى بْنُ سَعِيدٍ سَمِعْتُ بُشَيْرَ بْنَ يَسَارٍ يَقُولُ حَدَّثَنَا سُوَيْدُ بْنُ النُّعْمَانِ قَالَخَرَجْنَا مَعَ رَسُولِ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ إِلَى خَيْبَرَ فَلَمَّا كُنَّا بِالصَّهْبَاءِ قَالَ يَحْيَى وَهِيَ مِنْ خَيْبَرَ عَلَى رَوْحَةٍ دَعَا رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ بِطَعَامٍ فَمَا أُتِيَ إِلَّا بِسَوِيقٍ فَلُكْنَاهُ فَأَكَلْنَا مِنْهُ ثُمَّ دَعَا بِمَاءٍ فَمَضْمَضَ وَمَضْمَضْنَا فَصَلَّى بِنَا الْمَغْرِبَ وَلَمْ يَتَوَضَّأْ قَالَ سُفْيَانُ سَمِعْتُهُ مِنْهُ عَوْدًا وَبَدْءًا

हमसे कहिस है [अली बिन अब्दुल्ला] हमसे कहिस है [सुफयान] कहिस है [यह्या बिन सैद] हम [बुसैर बिन यासर] का कहत सुने रहेन; हमसे [सुवैद बिन अन नुमान] कहिन है, उ कहिन; हम एक बार रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के साथ खैबर के लिए निकले थे। जब हम पहुँचे शहबा` -यह्या कहिन; खैबर से रात भर का सफर रहा - रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम खाना मांगिन, लेकिन ओनका खाली गेहूँ के रूप मा खाना दीन गा। यहिसे हम चबा के खायेन। यहिके बाद वा पानी मांगिस, फिर गराराइस अउर हमहूँ गरारायेन। फिर उ हमरे साथ बिना फिर से वजू किहे मगरिब के नमाज पढ़िन। सुफयान कहिन; जब हम घरे आए अऊर यात्रा के शुरुआत मा हम उनसे सुनेन।