Doa duduk di antara dua sujud - 2: RABBIGHFIRLI WAR HAMNI WAR FA’NI WAR ZUQNI WAH DINI
Imam Muslim : 4865حَدَّثَنِي زُهَيْرُ بْنُ حَرْبٍ حَدَّثَنَا يَزِيدُ بْنُ هَارُونَ أَخْبَرَنَا أَبُو مَالِكٍ عَنْ أَبِيهِ أَنَّهُ سَمِعَ النَّبِيَّ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ وَأَتَاهُ رَجُلٌ فَقَالَ يَا رَسُولَ اللَّهِ كَيْفَ أَقُولُ حِينَ أَسْأَلُ رَبِّي قَالَ قُلْ اللَّهُمَّ اغْفِرْ لِي وَارْحَمْنِي وَعَافِنِي وَارْزُقْنِي وَيَجْمَعُ أَصَابِعَهُ إِلَّا الْإِبْهَامَ فَإِنَّ هَؤُلَاءِ تَجْمَعُ لَكَ دُنْيَاكَ وَآخِرَتَكَ
हमरा कहलक अछि [जुहैर बिन हरब] हमरा सभकेँ कहलक अछि [यजीद बिन हारून] हमरा सभकेँ [अबू मलिक] [अपन पिता]सँ कहने अछि जे ओ नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लमकेँ सुनने छल जखन हुनका लग एकटा आदमी पहुँचल छल आ तखन ओ आदमी पुछलक; 'हे अल्लाह के रसूलुल्लाह, हम की कहब जखन हम अल्लाह, परम आ उच्चतम अल्लाह स पूछब?' रसुलुल्लाह शल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम जवाब देलखिन: 'जखन अहाँ अल्लाह सँ पूछब, तखन निम्नलिखित नमाज कहू; 'हे अल्लाह, हमरा माफ करू, हमरा पर दया करू, हमरा बचाउ, आ हमरा रोजी-रोटी दिअ! ' -ओहि समय ओ अंगूठा छोड़ि अपन आँगुर पकड़ि लेलक-, कारण सचमुच ई प्रार्थना अहाँक संसार आ परलोक केँ झाँपि दैत अछि' |