Keutamaan sahabat Rasulullah SAW dalam berinfaq
Imam Muslim : 4610حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ يَحْيَى التَّمِيمِيُّ وَأَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ وَمُحَمَّدُ بْنُ الْعَلَاءِ قَالَ يَحْيَى أَخْبَرَنَا و قَالَ الْآخَرَانِ حَدَّثَنَا أَبُو مُعَاوِيَةَ عَنْ الْأَعْمَشِ عَنْ أَبِي صَالِحٍ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صَلَّى اللَّهُ عَلَيْهِ وَسَلَّمَ لَا تَسُبُّوا أَصْحَابِي لَا تَسُبُّوا أَصْحَابِي فَوَالَّذِي نَفْسِي بِيَدِهِ لَوْ أَنَّ أَحَدَكُمْ أَنْفَقَ مِثْلَ أُحُدٍ ذَهَبًا مَا أَدْرَكَ مُدَّ أَحَدِهِمْ وَلَا نَصِيفَهُ
हमका [यह्या बिन यह्या अत तमीमी] अऊर [अबू बकर बिन अबू स्याबा] अऊर [मुहम्मद बिन अल अ'ला] बताइन हैं। [यह्या] कहिन; हमका सूचित किहिन है। जबकि दूसर लोग कहिन; हमका [अबू मुआविया] से [अल अमासी] से [अबू सलीह] से [अबू हुरैरा] से कहिन है; रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने कहा है: 'मेरे दोस्तन का अपमान न करौ! मोर दोस्तन का अपमान न करौ! जेकरे हाथ मा मोर आत्मा है, अगर केहू माउंट उहुद के बराबर सोना खर्च करत है, तौ उ मोर दोस्तन के खर्च कीन गा एक कीचड़ या आधा का बराबरी नाहीं कइ पावत है।'